UP Politics News: राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला के बाद भाजपा सांसद देवेन्द्र सिंह भोले ने कानपुर देहात जिलाधिकारी नेहा जैन पर कई संगीन आरोप लगाए है।
यूपी के कानपुर देहात की डीएम नेहा जैन की मुश्किलें बढती ही जा रही हैं। वहीं एक तरफ सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके डांस वीडियो न जमकर करकिरी की है और मड़ौली कांड में उनके खिलाफ कई आरोप भी लगाए जा रहे हैं। वहीं, अब अकबरपुर संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने उनके खिलाफ कई संगीन आरोप लगाए हैं। भाजपा सांसद जिलाधिकारी नेहा जैन से 18 सवालों के जवाब तलब किए हैं। इसके साथ ही कानपुर देहात के मड़ौली गांव में झोपड़ी में आग लगने से जलकर मां-बेटी की मौत का भी जिम्मेदार उन्हें ही बताया है। उन्होंने डीएम के वायरल डांस वीडियो पर भी निशाना साधा है।
राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने लगाए थे गंभीर आरोप
राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला के बाद भाजपा एमपी देवेन्द्र सिंह भोले ने जिलाधिकारी नेहा जैन पर कई संगीन आरोप लगाए है। देवेंद्र सिंह भोला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि, “कानपुर देहात महोत्सव में व्यापारियों से जमकर वसूली की गई है। व्यापारियों का जिला प्रशासन ने शोषण किया। महोत्सव में कितना रुपया खर्च हुआ। इसका कोई लेखा जोखा नही है। ” इतना ही नहीं, भाजपा सांसद ने नेहा जैन से कानपुर देहात महोत्सव को लेकर लिखित में 18 सवालों के जवाब तलब किए है। साथ ही मड़ौली कांड में जलकर माँ- बेटी की हुई मौत का भी ज़िम्मेदार उन्हें ही बताया है।
ये है पूरा मामला
मालूम हो कि बीती 7 फरवरी से 12 फरवरी तक कानपुर देहात में कानपुर देहात महोत्सव आयोजित हुआ था। इस दौरान 12 फरवरी को स्टेज पर न केवल नेहा जैन ने जमकर डांस किया बल्कि पुलिस अधिक्षक कानपुर देहात बीबीजीटीएस मूर्ति भी स्टेज पर थिरकने से अपने आप को रोक नहीं पाए । इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ, जब 13 फरवरी को मड़ौली आग कांड में मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस प्रकरण में जिलाधिकारी नेहा जैन की खूब किरकिरी हुई थी साथ ही योगी सरकार योगी सरकार को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
आपको बता दें कि जिला प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटावाने के दौरान झोपड़ी में आग लगी थी, प्रशासन के मुताबिक झोपड़ी सरकारी जमीन पर बनी थी । कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन को झोपड़ी तोड़ने के मना किया लेकिन प्रशासन ने गांव वालों की एक नहीं सुनी। छप्पर हटाते समय अचानक झोपड़ी में आग पकड़ ली और मां-बेटी की जलकर मौत हो गई। हालांकि इस मामले में ये भी कहा गया है कि मां-बेटी ने खुद ही आग लगाई थी।