संप्रदायिक दंगे के चलते जिला प्रशासन के साथ ही भाजपा संगठन के नेताओं ने उन्हें यहां आने से रोक दिया।
कानपुर. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सोमवार को गांधी जयंती के मौके पर कानपुर आना था, लेकिन ऐन वक्त पहले उनका दौरा रद्द हो गया। डिप्टी सीएम को स्वच्छता मैराथन के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आना था और रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना था। पर शहर में भड़के संप्रदायिक दंगे के चलते जिला प्रशासन के साथ ही भाजपा संगठन के नेताओं ने उन्हें यहां आने से रोक दिया। बता दें कल्याणपुर थाना क्षेत्र के रामलाला मंदिर में रविवार को पुलिस ने कई भाजपा कार्यकर्ताओं को अरेस्ट कर लिया था और जब उन्होंने विरोध किया तो उनकी जमकर पिटाई की थी। डिप्टी सीएम के आने की सूचना पर भाजपाई व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हाथ में काली पट्टी बांधकर डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन करने का मन बनाया था।
स्वच्छता मैराथन को दिखानी थी हरी झंडी
भाजपा गांधी जयंती के अवसर पर जिलेवार स्वच्छता मैराथन का आयोजन कर रही है। इसके पीछे मकसद आमजन तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना है। स्वच्छता मैराथन हर जिले में सुबह 8 से 10 बजे तक चल रहा है। कानपुर में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मैराथन कोे हरी झंडी दिखाकर रवाना करना था। लेकिन रावतपुर के राललला मंदिर के साथ ही जुही में जिस तरह से उपद्रव हुआ और पुलिस ने लाठीचार्ज किया उसके चलते िंहन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं में खासा रोष है। पुलिस की पिटाई के बाद भाजपा कार्यकर्ता मनोज सिंह ने बताया कि पुलिस ने इकतरफा कार्रवाई कर हमलोगों को पीटा है। अगर डिप्टी सीएम नहीं आते तो हमलोग कानपुर से मंत्री सतीश महाना के जरिए एक पत्र सीएम को भेजकर शहर की डीआईजी सहित अन्य अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
मंदिर के अंदर घुसी पुलिस, भाजपाईयों को पीटा
शनिवार को हुए बवाल के बाद हालात शांत हो गए थे, लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना दे दी कि रावतपुर के रामलला मंदिर पर भाजपा व बजरंगदल के कार्यकर्ता कुछ योजना बना रहे हे। जानकारी मिलते ही कल्याणपुर इंस्पेक्टर व सीओ भारी संख्या में पुलिसबल के साथ मंदिर पहुंच गए और अंदर जा धमके। इस दौरान वहां भाजपा कार्यकर्ता व पुलिस के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने हल्काबल प्रयोग कर उन्हें वहां से खदेड़ कर चार लोगों को अरेस्ट कर थाने ले गई। इस पर स्थानीय लोग भड़क गए और सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतर कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने यहां भी लाठीचार्ज कर दिया, जिससे महौल और खराब हो गए। भाजपाईयों ने पुलिस की इकतरफा कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। डीएम व डीआईजी के आने के बाद माहौल शांत हुआ।
पमपुरवा में स्थित कंट्रोल, पीएसी तैनात
रविवार को परमपुरवा में भड़के दंगे के बाद यहां पर भारी संख्या में पुलिस, पीएसी व अर्धसैनिक बल के जवान चप्पे-चप्पे में तैनात हैं। पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। एक साथ चार लोगों के बात करने या इकठ्ठा होने पर रोक है। मौके पर एसपी, एसडीएम सहित अन्य अलाधिरी मौजूद हैं और हालात पर नजर बनाए हैं। एडीजी अनिवाश चंद्रा ने बताया कि उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है। जिसने भी शहर को दंगे में झोकने की कोशिश की है उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं परमपुरवा के लोगों का कहना है कि मुहर्रर का जुलूस निकल रहा था, तभी कुछ मुंह ढके अरातकतत्व आ गए और एक समुदाय के वाहनों के साथ लोगों पर हमला करने लगे। वे लोग दंगा करवाने के मकदस से घटना को अंजाम दिया।