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Kanpur News: लाल निशान की ओर गंगा, अटल घाट कराया गया बंद, बाढ़ का खतरा बढ़ा

Ganga River Flood: कानपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बैराज पर जलस्तर 113.410 मीटर पहुंच गया है। हरिद्वार और नरोरा से 2.85 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। अटल घाट बंद कर तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया।
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कानपुर

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Avanish Kumar

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Updated: 8 Aug 2026, 4:09 PM IST

Kanpur News

कानपुर में बाढ़ का खतरा फोटो - पत्रिका

Kanpur Ganga Water Level: कानपुर में गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी ने कानपुर और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। सुबह बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, कानपुर गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.410 मीटर पहुंच गया, जो इस मानसून सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने अटल घाट को आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। घाट के मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है।

हरिद्वार और नरोरा से छोड़ा गया 2.85 लाख क्यूसेक पानी

गंगा में बढ़ते जलस्तर के पीछे हरिद्वार और नरोरा बैराज से छोड़ा जा रहा भारी मात्रा में पानी प्रमुख कारण है। आंकड़ों के मुताबिक हरिद्वार बैराज से 1,61,512 क्यूसेक और नरोरा बैराज से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दोनों बैराज से कुल 2,85,685 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से कानपुर में गंगा का दबाव बढ़ा है। कानपुर गंगा बैराज से भी डिस्चार्ज बढ़ाकर 2,74,985 क्यूसेक कर दिया गया है। सामान्य दिनों में यहां से करीब एक लाख क्यूसेक के आसपास पानी छोड़ा जाता है।

शुक्लागंज में चेतावनी बिंदु से एक मीटर नीचे गंगा

शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर सुबह 112.060 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी बिंदु 113.000 मीटर और खतरा बिंदु 114.000 मीटर है। इस तरह गंगा चेतावनी बिंदु से करीब एक मीटर नीचे बह रही है। जलस्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे तटीय गांवों और निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका जताई गई है।बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे में जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसी को देखते हुए कानपुर के निचले क्षेत्रों के साथ डाउनस्ट्रीम में प्रयागराज और वाराणसी तक तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

अटल घाट पर पुलिस तैनात, श्रद्धालुओं को लौटाया

बढ़ते जलस्तर और घाट पर कटान-जलबहाराव को देखते हुए प्रशासन ने अटल घाट पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी है। मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और सीढ़ियों की ओर जाने वाले रास्तों पर रस्सियां बांधकर पुलिस बल तैनात किया गया है। सावन के अवसर पर गंगाजल लेने पहुंचे श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से वापस लौटाया गया। घाट परिसर में महिला पुलिसकर्मियों समेत अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। शहर के अन्य प्रमुख घाटों पर भी कटान और जलभराव को देखते हुए आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

24 घंटे निगरानी, प्रशासन ने जारी की अपील

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। सभी संवेदनशील चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती गंगा के पास न जाएं और घाटों पर लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें। अधिकारियों की नजर जलस्तर की हर घंटे बदलती स्थिति पर है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।