
जानकारी देते डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी - फोटो पत्रिका
Kanpur Crime News: कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में किसानों के खेतों में लगे ट्यूबवेल, विद्युत मोटर और ट्रांसफार्मर को निशाना बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के सदस्य दिन में गांवों और हाईवे किनारे खेतों की रेकी करते थे। रात होते ही लोडर लेकर चिह्नित खेतों में पहुंचते और विद्युत मोटर के हेड व ट्रांसफार्मर के कीमती पार्ट्स खोलकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने गौरी अंडरपास के पास से गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी में इस्तेमाल लोडर, मोटर हेड, ट्रांसफार्मर से निकाला गया कॉपर वायर समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि तीन अगस्त की रात बिल्हौर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर और किसानों के खेतों में लगे विद्युत मोटरों के हेड चोरी होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम और फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और पुलिस गिरोह तक पहुंच गई। गौरी अंडरपास के पास पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमित भारद्वाज उर्फ राजेश शर्मा उर्फ छोटे निवासी किशनपुर, चौबेपुर, अंकित अग्रहरी उर्फ अंकित कुमार, शिवम चौरसिया उर्फ बंटी, राकेश उर्फ ठाकुर और प्रांशु सोनकर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक अमित भारद्वाज गिरोह का मास्टरमाइंड है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य दिन में खेतों में घूमकर ट्यूबवेल, विद्युत मोटर और ट्रांसफार्मर देखते थे। ऐसे खेत चिह्नित किए जाते थे जहां रात में आसानी से पहुंचा जा सके। इसके बाद लोडर लेकर पहुंचते और मोटर हेड तथा ट्रांसफार्मर के कीमती पार्ट्स खोलकर वाहन में लाद ले जाते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने कानपुर नगर के अलावा उन्नाव, कन्नौज, फतेहपुर और कानपुर देहात में भी वारदातें की हैं। करीब 15 से 20 दिन पहले कानपुर देहात के मंगलपुर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के पार्ट्स और अन्य सामान चोरी करने की बात भी आरोपियों ने स्वीकार की है। इस संबंध में मंगलपुर थाने में मुकदमा दर्ज है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की चैट और फोटो भी खंगाले। इनमें बिहार और राजस्थान से अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब इस कनेक्शन की भी जांच कर रही है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश की जा रही है।
डीसीपी पश्चिम के मुताबिक अमित भारद्वाज उर्फ राजेश शर्मा उर्फ छोटे के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 12 मुकदमे दर्ज हैं। अंकित अग्रहरी उर्फ अंकित कुमार पर सात, प्रांशु सोनकर पर दो और शिवम चौरसिया उर्फ बंटी के खिलाफ अलग-अलग थानों में 16 मुकदमे दर्ज हैं। राकेश उर्फ ठाकुर के खिलाफ चोरी का यह पहला मुकदमा है। वही गिरोह का जल्द खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। पुलिस अब बरामद सामान के आधार पर चोरी की अन्य घटनाओं का मिलान कर रही है और गिरोह के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में जुटी है।
Updated on:
09 Aug 2026 07:20 pm
Published on:
09 Aug 2026 07:20 pm
