27 जून को बीटेक छात्रा की दिनदहाड़े गोली मार कर की गई थी हत्या, आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से किया गिरफ्तार
कानपुर। दोनों के मकान अगल-बगल थे। कुलदीप अपने घर का इकलौता चिराग था तो वहीं पड़ोस की शबनम के परिवार में कई सदस्य थे। जिसके चलते वो कक्षा आठवीं की पढ़ाई के बाद स्कूल जाना छोड़ दिया। कुलदीप को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने अपने पिता से पैसे मांग कर शबनम का नौंवी क्लास में एडमीशन कराया। इसी दौरान दोनों दोस्त बन गए और एक साथ स्कूल जाने लगे। बारवीं की कक्षा में पहुंचते ही उनके दिल धड़कने लगे। तभी कुलदीप ने शबनम से प्यार का इजहार का दिया तो उसने भी इकरार कर लिया। कुलदीप और शबनम की मोहब्बत के किस्से पूरे गांव में सुनाई देने लगे, पर उन्हें किसी की परवाह नहीं थी। इसी दौरान शबनम से अपने प्रेमी से बीटेक करने को कहा तो कुलदीप ने बैंक में रखे पैसे से उसका एडमीशन करा दिया। पिता ने डांटा तो प्रेमिका के लिए भाग कर दिल्ली चला गया। वहां दर्जी का काम कर जो कमाता वह शबनम के बैंक एकाउंट में भेज देता। कॉलेज की चकाचौंध देख शबनम भी बदल गई और क्लास के एक युवक से दोस्ती कर ली। इसकी भनक कुलदीप को लगी तो वो दिल्ली से भाग कर गांव आया और शबनम से युवक को छोड़ देने को कहा, पर वो नहीं मानी। जिससे गुस्साए प्रेमी ने दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी।
17 दिन के बाद पुलिस के हत्थे लगा प्रेमी
बिल्हौर थाना इलाके में बीते माह 27 जून को बाइक सवार छात्रा शबनम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक छात्रा के दासा निवादा ग्राम निवासी पिता छिद्दू की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर हत्यारे की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रद्युमन सिंह ने घटना के खुलासे के लिए इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह समेत पुलिस की तीन टीमों को लगाया था। जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की बात सामने आई थी। जिसके बाद प्रेमी कुलदीप उर्फ अजय उर्फ छोटू का नाम प्रकाश में आया। वारदात के बाद से प्रेमी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी लोकेशन ली तो वह दिल्ली, दादरी व बीकानेर में छिपकर ठिकाने बदलता रहा। एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने ने बताया कि आरोपी की लोकेशन हरियाणा में मिली। पुलिस की एक टीम ने 13 जुलाई की सुबह एक घर से उसे धरदबोचा। पुलिस ने हत्या के इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद कर लिया है।
बेवफाई से आहत होकर उठाया कदम
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शबनम और उसके बीच कई सालों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। शबनम की आर्थिक स्थित खराब होने के चलते वो आगे की पढ़ाई छोड़ घर में बैठ गई। वो पढ़ने में अव्वल थी। मुझे इसकी खबर हुई तो मैंने उसे इंटर से लेकर बीटेक में एडमीशन करवाया। मेरे पिता ने पैसे देने बंद कर दिए तो मैं अपनी शबनम के लिए पढ़ाई छोड़ दिल्ली चला गया और रेडीमेड कपड़े की शॉफ में सिलाई का काम करने लगा। जो पैसा कमाता वह मैं शबनम के एकाउंट में भेज देता। पर शबनम का इसी दौरान क्लास के एक युवक से दोस्ती हो गई और दोनों होटल और महंगे-महंगे रस्टोरेंट में खाना खाते तो शबनम जींस शट पहनकर बाइक पर कॉलेज जाने लगी। कभी-कभी उसे कार से युवक लेने आता और छोडद्य जाता।
दोस्त ने दी जानकारी, मर्डर कर दिया
शबनम और युवक की दोस्ती की खबर कुलदीप को गांव के एक मित्र ने दिया। जानकारी लगते ही वो दिल्ली से सीधे अपने गांव आया। घर में समान रख शबनम के घर पहुंच गया। जहां शबनम और कुलदीप के बीच बहस हुई। शबनम के परिजनों ने कुलदीप को घर से भगा दिया। बेवफाई से आहत होकर कुलदीप शबनम को सजा देने का प्लॉन बना डाला। 27 जून को शबनम कॉलेज से घर आ रही थी, तभी कुलदीप ने उसे रास्ते में रोक लिया। करीब पंद्रह मिनट तक दोनों के बीच कहासुनी होती रही। इसी दौरान कुलदीप ने कमर से तमंचा निकाल लिया और शबनम के सिर गोली मार दी। शबनम की हत्या के बाद कुलदीप सीधे दिल्ली भाग गया।
हरियाणा से किया गया अरेस्ट
एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस कई टीमें पिछले कई दिनों से आरोपी की तलाश कर रही थी। सटीक सूचना पर बिल्हौर और शिवराजपुर थाने की पुलिस ने उसे हरियाणा से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने जिस तमंचे से शबनम की हत्या की गई थी उसे बरामद कर लिया है। आरोपी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उसे शबनम की हत्या पर कोई पछतावा नहीं है। उसने मेरा सब कुछ लेने के बाद दूसरे को समसफर बना लिया। उसे बहुत समझाया पर नहीं मानी। जिसके चलते मेरे पास एक ही रास्ता बचा था कि उसे कड़ी से कड़ह सजा दूं और सूनसान इलाके में उसे रोक लिया और गोली मार दी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।