
कानपुर। आपने कभी सुना है कि दो मुंहवाला सांप का भी कारोबार होता है और एक-एक सांप की कीमत 25 से 30 लाख रूपए की होती है। चकेरी पुलिस ने ऐसे गिरोह को अरेस्ट किया है, जो राजस्थान से इन सापों को कानपुर में लाकर बेचते थे और मोटी रकम लेकर वापस चले जाते थे। पूरा नेटवर्क एक गैंग संचालित कर रहा है और खाकी से बचने के लिए छात्रों को इस धंघे में उतार दिया है। पुलिस ने बीटेक के दो स्टूडेंट्स के पास से दो सांप बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि इनका इस्तेमाल यौन संबंधी रोगों के लिए दवा बनाने में होता है। अब पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लग गई हैं।
बीटेक के छात्र लेकर आए थे कानपुर
चकेरी थानाक्षेत्र के श्यामनगर इलाके में पुलिस ने एक घर पर छापा मारा। यहां से पुलिस ने छपरा बिहार निवासी बीटेक छात्र नरेश राय और उसके साथी लखनऊ निवासी हरीराम मौर्य को अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने उनके बैग की तलाशी ली तो उसके अंदर लाल रंग के दो दोमुंहा सांप मिले। पूछताछ में हरीराम ने बताया कि इन्हें आगरा में किसी को देना था। नरेश इस समय जोधपुर में रह रहा। उसने वहां बासिनी के जंगलों से इन सांपों को पकड़ा था। नरेश के मुताबिक के हरीराम ने कानपुर में मिलने के लिए कहा था। वहां से आगरा पहुंचना था। सांप किसे देना है, इसका पता वहां पहुंच कर वाट्सएप पर मिलना था। दोनों को पुलिस ने जेल भेजा दिया है।
जोधपुर के जंगलों से लाते हैं सांप
पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि राजस्थान के जोधपुर इलाके में यह सांफ बड़ी संख्या मे ंपाए जाते हैं। वहां के लोग इन्हें पकड़ते और हमें देते हैं। एक सांप की कीमत एक से पांच लाख रूपए हमें उन्हें देनी होती है। पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी छात्र नरेश ने बताया ि कवह पिछले दो साल से इस काम को अंजाम दे रहा था। गैंग के सरगना के बारे में पुलिस को उसने जानकारी दी। सांपों के का धंधा बड़े पैमाने पर कानपुर में पनप रहा है। वहीं जू के डॉक्टर आरपी सिंह ने बताया कि दो मुंह वाला सांप जहरीला नहीं होता। यह पहाड़ी इलाकों में ज्यादा पाया जाता है। डॉक्टर आरपी सिंह इस प्रजाति के सांप पहले बहुत पाए जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या महज कुछ इलाकों में रह गई है।
सेक्स वर्धक दवाईयों में होता है इस्तेमाल
जू के डॉक्टर आरपी सिंह ने बताया कि कुछ
आयुर्वेद जे जुड़े डॉक्टर व वैद्ध हकीमों की मानें तो दोमुंह वाले सांप को मार कर उससे सेक्स वर्धक दवाईयां बनाई जाती हैं। शहर में सैकड़ों की तादाद में सेक्स रोगियों के इलाज के नाम पर दुकानें संचालित हैं। इसी कारोबार से जुडे एक व्यक्ति ने बताया कि सांफ के कई पार्ट को काट कर कुछ अंगों से सेक्स की दवा बनाते हैं और रोगियों से मुंहमागी कीमत वसूलते हैं। वहीं मामले पर डीएफओ अरोवद कुमार ने बताया कि जिस सांप को उनकी टीम पकड़ती है, उसे मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद जंगल में छोड़ दिया जाता है या फिर चिड़ियाघर प्रशासन को दिया जाता है। चूंकि पुलिस ने सांपों को पकड़ा और रिपोर्ट दर्ज की है, इसलिए सांपों की सुपुर्दगी में समस्या आ रही है। कुछ रास्ता निकालकर जल्द ही सांपों को उचित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा। माना जा रहा है कि सांपों को मजिस्ट्रेट के आदेश पर फिर जंगल में छोड़ दिया जाएगा।