सड़क पर उतर कर निकाला प्रोटेस्ट मार्च, पीएम मोदी से कार्रवाई की मांग
कानपुर। विद्रोहियों के खिलाफ असद सरकार की कार्रवाई से जहां विश्वभर में सियासत गर्म है, वहीं मंगलवार को व्यापार मंडल के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करते पीएम नरेंद्र मोदी से मांग की है, वह संयुक्तराष्ट्र के साथ ही अमेरिका के साथ मिलकर असद की घेरेबंदी कर लोगों का कत्लेआम रूकवाएं। व्यापारी नेता अमरजीत सिंह कहना था कि उनका ये मार्च सीरिया में अमानवीय व्यवहार के खिलाफ है। वहां इंसानियत का कत्ल हो रहा है, जिसे मोदी सरकार आंख बंद कर देख रही है। वक्त की मांग है कि सभी देश असद के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें सत्ता से बेदखल करें।
पीएम मोदी पॉवर का करें इस्तमाल
सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके पूर्वी गूता में असद सरकार की सेना बमबारी कर रही है। जिसके चलते वहां पर सैकड़ों लोगों के मारे गए हैं। इसी के कारण मंगलवार को उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल और एमएमए जौहर फैन्य एसोसिएशन के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और प्रोटेस्ट मार्च निकाला। कार्यकर्ता हाथ में बैर और फांसी का फंदा लेकर निकले और सीरिया में लोगों को मौत की नींद सुलाने वाले असद को फांसी पर लटकाए जाने की मांग की। व्यापारी नेता अमरजीत सिंह ने बताया कि रविवार से शुरू हुई इस बमबारी में अभी तक 500 लोगों की मौत हो चुकी है। पूर्वी गुप्ता में स्थित अहुत भवायह बनी हुई है। हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हैं कि वह अपने पॉवर का इस्तमाल करें और संयुक्तराष्ट्र के साथ ही अमेरिका के साथ मिलकर असद सरकार के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
बोले व्यापारी, असद को फांसी की सजा
व्यापारियों ने कहा कि सीरिया की तानाशाह बशर अल-असद केमिकल के जरिए बच्चों, बुजुर्गो और बेगुनाहों को मौत के घाट उतार रही है। ऐसे तानाशाह को विश्व के सभी देश पकड़ कर फांसी पर लटकाएं। फैन्स एसोसिएशन के सदस्य आबिद जो हाथ पर फांसी का फंदा लिए हुए थे ने कहा कि कुछ देश अपनी सियासत और महत्वाकांशा के लिए असद सरकार के साथ खड़े हैं और तानाशाह को हथिया मुहैया करा रहे हैं। संयुक्तराष्ट्र में ऐसे देशों के खिलाफ प्रस्ताव लाए जाना चाहिए।
सीरिया में लगाना होगा प्रतिबंध
व्यापार मंडल के नेताओं ने कहा कि भारत एक ताकवर देश है और प्रधानमंत्री की क्षवि तेज-तर्राक नेताओं में गिनी जाती है। पीएम को अन्य देशों के साथ लेकर सीरिया के खिलाफ सैनिक और आर्थिक कार्रवाई का दबाव बनाना चाहिए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने असद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उसे हटाए जाने के लिए अन्य देशों को सीरिया में सेना भेजकर असद को उखाडद्य फेंकने की मांग की।