रेल यात्रियों के लिए एक और मायूस की देने वाली खबर सामने आई है. वह ये कि रेल टिकट के साथ ही कैब बुकिंग की सुविधा यात्रियों को अब नए साल से ही मिल सकेगी. इसके पीछे कारण है कि क्योंकि कानपुर व इलाहाबाद स्टेशन में कोई भी कैब कंपनी अपना काउंटर खोलने में रुचि नहीं दिखा रही है.
कानपुर। रेल यात्रियों के लिए एक और मायूस की देने वाली खबर सामने आई है. वह ये कि रेल टिकट के साथ ही कैब बुकिंग की सुविधा यात्रियों को अब नए साल से ही मिल सकेगी. इसके पीछे कारण है कि क्योंकि कानपुर व इलाहाबाद स्टेशन में कोई भी कैब कंपनी अपना काउंटर खोलने में रुचि नहीं दिखा रही है. आखिरी तारीख़ खत्म होने के बाद भी दोनों ही स्टेशनों के लिए किसी कंपनी ने टेंडर नहीं डाले है.
ये है कैब सेवा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रेलवे ने यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अक्टूबर से स्टेशनों से कैब सेवा शुरू करने की प्लानिंग बनाई थी. इसके तहत रेल यात्री टिकट बुकिंग के दौरान ही किसी भी स्टेशन में कैब की सुविधा ले सकता है. इसके लिए यात्री को उसी समय कैब का भी किराया भुगतान करने की सुविधा थी.
ऐसा बताया रेलवे अधिकारियों ने
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में यात्री एप के माध्यम से कैब बुक कर लेते हैं. वहीं जबकि स्टेशन में कैब काउंटर खोलने पर कंपनी को बड़ी रकम रेलवे को भुगतान करनी होगी. इसमें कैब कंपनियों को नुकसान दिखाई दे रहा है. इसीलिए टेंडर में किसी कैब कंपनी ने आवेदन नहीं किया.
रेलवे अधिकारी ने दी जानकारी
एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल कानपुर व इलाहाबाद स्टेशन पर कैब काउंटर खोलने के लिए टेंडर मांगे गए थे. अंतिम तिथि तक किसी भी कंपनी ने आवेदन नहीं किया है. अब यह सेवा नए साल में ही यात्रियों को मुहैया हो सकेगी. वहीं लोगों की मानें तो टिकट बुकिंग के साथ कैब की सुविधा मिलने की खबर से वे बेहद खुश थे. अब इस सुविधा के हाथ न आने से उनमें मायूसी है. ज़ाहिर सी बात है कि यात्रा के नाम पर यात्रियों को जितने सुविधाएं मिलें उतनी कम हैं. ऐसे में ये यात्रियों को सिर्फ उन्हें एक लॉलीपॉप दिखाने जैसा हुआ.