दो सरकारी बाबुओं की गिरफ्तारी के बाद अन्य पर हो सकती है कार्रवाई, केडीए की फाइलों को खंगाल रहे हैं सीबीआई के अफसर
कानपुर। करप्शन रूपी राक्षस सरकारी सिस्टम को पूरी तरह से अपनी चपेट में लिए हुए है। 70 साल देश की आजादी को हो गए। नए-नए आविष्कार हुए, रोड, हाइवे और बुलेट ट्रेन लाने की बात चल रही है, पर इसके खात्में के लिए किसी सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए। पर अब पब्लिक खुद इनसे निपटने के लिए कमर कस ली है। कानपुर में दो दिन के अंदर लोगों ने दो बड़े घूसखोर अफसरों को रंगे हाथ पकड़वाकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सीबीआई के साथ अन्य एजेंसियां शहर में डेरा जमाए हुए हैं और आने वाले दिनों में कई घूसखोर सरकारी अफसर पकड़े जा सकते हैं। वहीं एडीजी विजिलेंस बृजभूषण शर्मा ने करप्शन के खिलाफ आमशहरी को खड़ा होने की अपील कर रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों की सीधे शिकायत विभाग से करें।
सीबीआई ने इन्हें दबोचा
सीबीआई की एंटी करप्शन विंग शुक्रवार को कानुपर में दो विभागों में रेड की और दो अलग-अलग मामलों में इंकमटैक्स, एयरफोर्स और केडीए के अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। इन ’दागियों’ की शिकायतें सीबीआई के लखनऊ ऑफिस में एंटी करप्शन विंग के हेल्पलाइन नंबर पर की गई थी। शिकायत के बाद सीबीआई की स्पेशल टीम ने जाल बिछाकर ’दागियों’ को अरेस्ट किया। शहर से गिरफ्तार दागियों से लखनऊ में सीबीआई की स्पेशल टीम पूछताछ करने के बाद अन्य अफसरों को दबोचने के लिए शहर में कई टीमें पहुंच चुकी है। सीबीआई को कानपुर विकास प्राधिकरण के कई अफसरों के खिलाफ भी अहम सबूत मिले हैं, जिन पर किसी भी वक्त कार्रवाई हो सकती है।
कई अफसर राडार पर
कानपुर विकास प्राधिकरण के कई अधिकारी एंटी करप्शन विंग के राडार पर हैं। उनके नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं। वो किन-किन लोगों के संपर्क में हैं। इस पर भी ’गोपनीय नजर’ रखी जा रही है। नक्शा पास कराने, अवैध निर्माण करवाने और सीलिंग के नाम पर केडीए में चल रहे ’खेल’ की भनक एंटी करप्शन विंग तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा पब्लिक भी अब घूस देने के बजाए अधिकारियों के खिलाफ खड़ी हो गई है। आर्यनगर निवासी एक बुजुर्ग ने बताया कि वो रिटायर्डमेंट के बाद जो पैसा मिला उससे मकान बनावने के लिए जब हम केडीए गए तो वहां के अधिकारियों ने कई चक्कर लगवाए। पिछले छह माह से फाइल इधर-उधर घूम रही है, पर नक्शा पास नहीं हुआ।
यह अधिकारी धरे गए
दशरथ दास बजाज अपनी के-बजाज शेयर ब्रोकर फर्म का संचालन करते हैं। आयकर विभाग कार्यालय में तैनात आयकर अधिकारी पीडी साहू उनके इनकम टैक्स रिटर्न की फाइल में कुछ कागजों की कमी बताकर 25 हजार रुपये घूस मांग रहे थे। इसी बीच दशरथ दास ने पूरे मामले की शिकायत सीबीआई से की थी। सीबीआई ने अधिकारी को घूस लेते पकड़ लिया। चमड़ा कारोबारी अशफाक ने सीबीआई लखनऊ से शिकायत की थी कि चकेरी एयरपोर्ट के भू-विभाग अमित गुप्ता ने उनकी फैक्ट्री में आकर एयरफोर्स की एनओसी दिखाने की मांग की थी। जब उन्होंने एनओसी नहीं होन की बात कही तो अमित गुप्ता ने 15 लाख रुपये देने की मांग की और रुपये न देने पर केडीए के जरिये फैक्ट्री ध्वस्त कराने की धमकी दी। सीबीआई ने अमित गुप्ता एक लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। केडीए के असिस्टेंट इंजीनियर राजीव गुप्ता की भूमिका सामने आने पर सीबीआई ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
यह रिश्वतखोर अफसर पकड़े गए
जून 2018- उर्सला अस्पताल में बाबू नीरज द्विवेदी को एंटी करप्शन टीम ने अरेस्ट किया। फरवरी 2018-घूसखोरी में सीजीएसटी कमिश्नर संसार चंद और उनकी पत्नी के साथ विभाग तीन सुप्रीटेंडेंट को सीबीआई के हत्थे लगे। जून 2017- केंद्रीय विद्यालय-2 अपर लिपिक को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार किया था। नवंबर 2016 घूसखोरी में सीजीएचएस के एकाउंटेंट सुशील शुक्ला को सीबीआई ने अरेस्ट किया था । अगस्त 2016 में केंद्रीय विद्यालय 1 का प्रिंसिपल पी खान को कैंटीन का टेंडर दिलाने के नाम पर घूसखोरी के मामले में सीबीआई ने अरेस्ट किया। मार्च 2016 केंद्रीय विद्यालय के योगा टीचर पंकज तोमर व प्रिंसिपल का पति मिलिंद कांत संविदा में टीचर भर्ती में घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए। जून 2012- 25 लाख की घूसखोरी में मामले में सीनियर इंकम टैक्स अधिकारी कुनाल सिंह को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्गिशन ने अरेस्ट किया।
भ्रष्टाचार पर इस विंग का प्रहार
लोगों को भष्ट्र अधिकारियों की शिकायत करने की पूरी स्वतंत्रता है। भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी अगर रिश्वत मांगे तो तत्काल विभाग को सूचना दें। यहा पर सुनवाई न हो तो वो सीधे मुझसे बात करें। मेरा मोबाइल नंबर और मेल आईडी विजलेंस ऑफिस के बाहर लिखी हुई है। यह बात कानपुर आये एडीजी विजिलेंस बृजभूषण शर्मा ने कही। उन्होंने ग्वालटोली स्थित विजिलेंज आफिस के कामों की समीक्षा करने के साथ ही अधिकारियों को आमशहरी की शिकायत को सुन पर करप्ट अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होने बताया कि हमने अपने अफसरों से कहा है किसी भी तरह के दबाव में नही आये। भष्ट्राचार के खिलाफ किसी तरह की शिकायत आम आदमी विजिलेंस के स्थानीय आफिस के साथ ही मुख्यालय में कर सकता है। उसकी शिकायत की गोपोनियता पर पूरा ध्यान रखा जायेगा।