
कानपुर। डब्ल्यूएचओ की ताजा रिपोर्ट में कानपुर को वर्ल्ड का सबसे ज्यादा पदूषित शहर घोषित किए जाने से जहां जिला प्रशासन की नींद उड़ी है, वहीं सीएम से लेकर डिप्टी सीएम भी खासे परेशान और नाराज बताए जा रहे हैं। इसी के चलते सीएम कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार बीच में छोड़कर यूपी लौट आए और शनिवार को वह कानपुर आकर सबसे पहले प्रकृतिक आपदा का दंश झेल रहे इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे, फिर सर्किट हाउस में जिले के अफसरों के साथ बैठक कर प्रदूषण से मैनचेस्टर को मुक्ति दिलाए जाने के लिए मंथन करेंगे।
प्रदूषण-तुफान के चलते घूमा हेलीकॉप्टर
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव प्रचार चरम पर है। पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ वहां पर कई सभाएं कर भाजपा के पक्ष में महौल बना रहे हैं। लेकिन डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में कानपुर को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बताए जाने के साथ ही बुधवार को आए आंधी और तुफान के बाद सीएम का हवाई हजार आनन-फानन में लखनऊ में लैंड किया और वह शनिवार को कानपुर में होंगे। वह तूफान से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद सर्किट हाउस में अफसरों के साथ आपदा एवं राहत की समीक्षा करेंगे। इससे पहले वह आगरा में तूफान प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे। यह जानकारी डीएम सुरेन्द्र सिंह द्वारा अफसरों को एक बैठक में दी गई।
अफसरों के हाथ-पैर फूले
सीएम के एकाएक कानपुर दौरे को लेकर अलाधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए हैं। सीएम प्रदूषण पर कमिश्नर, डीएम के साथ ही अन्य विभागों के अफसरों को तलब कर बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। भाजपा नेताओं की मानें तो शनिवार को जिले के अफसरों की पोल खोलेंगे और जमीनी हकीकत के बारे में उन्हें अवगत कराएंगे। इसी के चलते कई अलाधिकारी भाजपा नेताओं से संपर्क करते हुए देखे गए। जानकारों की मानें तो पिछले कई माह से कानपुर के भाजपा नेता सीएम को जिला प्रशासन की कार्यगुजारियों के बारे में शिकायत करता रहा, पर उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते गांव से लेकर शहर में लोग खोफजदा हैं। कोर्द प्रदूषण के चलते बीमारियों की चपेट में है तो किसान, मजदूर फसल बर्बादी के चलते फांसी लगा रहा है।
हवाई सर्वेक्षण करेंगे सीएम
बुधवार रात आंधी-तूफान से जनजीवन प्रभावित हो गया था। करीब 60 से 70 किमी की रफ्तार से चली हवाओं ने बहुत कुछ तहस-नहस कर दिया। लोगों के साथ मवेशियों की भी जान चली गई थी। कई मकान ढहे तो कई घरों की छतें उड़ गईं। कर्नाटक चुनावी दौरे पर गए मुख्यमंत्री योगी ने अपना कार्यक्रम परिवर्तित कर दिया। शनिवार दोपहर एक से दो बजे के बीच आंधी/आकाशीय बिजली/ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वे के बाद ढाई बजे से 3 बजे तक प्रशासनिक अफसरों के साथ राहत की समीक्षा करेंगे। इसमें तूफान से हुए राजस्व के नुकसान के बारे में जानकारी के साथ जनधन व पशुधन की हानि को लेकर भी चर्चा होगी। साथ ही किसानों की फसलों को कितना नुकसान हुआ इस पर अलाधिकारियों के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी बात करेंगे।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नगर अध्यक्ष हरिप्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट में कानपुर को विश्व का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है। डब्ल्यूएचओ की यह रिपोर्ट वर्ष 2010 से 2016 के बीच किए गए अध्ययन पर आधारित है। शहर में जहर बड़ता गया, लेकिन जिले के अफसर नहीं चेते। कांग्रेस नगर अध्यक्ष ने कहा कि प्रदूषण बढ़ने की वजह शहर में जगह-जगह कूड़ा जलाना, वाहनों की बढ़ती संख्या, फैक्ट्रियों का धुआं, निर्माण कार्यों और उखड़ी सड़कों से उड़ने वाली धूल प्रमुख है। इतना सब होने के बावजूद शहर में प्रदूषण के सबसे खतरनाक मानक पीएम 2.5 को मापने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। खुद सीएम ने कानपुर को प्रदूषण मुकत बनाने के लिए आईआईटी के साथ करार किया था, लेकिन वह भी जुमला साबित हुआ। योगी सरकार व उनके अफसरों ने प्रदेश को गर्त में ढकेल दिया है। न खाऊंगा न खाने दूंगा का दवा हवा हवाई साबित है। केडीऐ से लेकर नगर निगम व कलेक्ट्रेट से लेकर गांव तक भाजपा व उनके अफसर गरीबों का पैसा हजम कर रहे हैं।