25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Kanpur News: इश्क, साजिश और कत्ल, पत्नी की हत्या कर शव यमुना में फेंकने वाले पति-साली को उम्रकैद

Kanpur News: कानपुर देहात के दो साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत ने पत्नी की हत्या कर शव यमुना में फेंकने के दोषी पति और उसकी साली को आजीवन कारावास सुनाया। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
2 min read
Google source verification
Kanpur News

सांकेतिक फोटो

Wife Murder Case: कानपुर के रैना थाना क्षेत्र में करीब दो वर्ष पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले में कानपुर देहात एडीजे-6 (एंटी डकैती) कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने महिला की हत्या के दोषी पति और उसकी साली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया।

क्या था पूरा मामला?

मामला रैना थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, रैना के कटरी निवासी शैलेंद्र उर्फ शैलेश की शादी अप्रैल 2017 में फतेहपुर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के भागलपुर गांव निवासी सुनेना से हुई थी। शादी के बाद दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन इसी बीच शैलेंद्र के अपनी साली मैना देवी से अवैध संबंध हो गए। बताया गया कि सुनेना इस रिश्ते का लगातार विरोध करती थी। इसी बात से नाराज होकर शैलेंद्र ने मैना देवी के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की साजिश रची और उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव को यमुना नदी में फेंक दिया गया।

पहले गुमशुदगी, फिर खुला हत्या का राज

हत्या के बाद आरोपी पति ने अपने ससुर रामबाबू को पत्नी के गायब होने की सूचना दी। शुरुआत में मामला गुमशुदगी का लगा, लेकिन परिजनों को शक होने पर उन्होंने बेटी की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो पिता ने दहेज और हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच के दौरान 5 फरवरी 2024 को महिला का शव यमुना नदी से बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमे की विवेचना आगे बढ़ाई।

कोर्ट में 8 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर हुई सुनवाई

मामले की सुनवाई एडीजे-6 (एंटी डकैती) कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 8 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पति शैलेंद्र उर्फ शैलेश और उसकी साली मैना देवी को हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी माना।कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला करीब दो साल पुराने चर्चित हत्याकांड में आया है, जिसमें पत्नी की हत्या कर शव यमुना नदी में फेंक दिया गया था।