डिप्टी सीएम केशव मौर्य के कार्यक्रम में आचार संहिता का कैसे हुआ उल्लंघन
कानपुर देहात. यूपी में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान समाप्त हो चुके है, अब तीसरे चरण के चुनाव के लिए सभी पार्टियां एडी चोटी का जोर लगा जनता को रिझाने के लिए कई-कई जनसभा कर रही है। 29 नवम्बर को आखिरी चरण के मतदान होने है, जिसको लेकर बीजेपी भी जनसभाएं कर रही है। भले ही चाहे अचार सहिंता का उलंघन करना पड़े, वो पीछे नहीं है ।
कानपुर देहात के अकबरपुर नगर पंचायत चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह गुड्डन के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने आये यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भले ही बीजेपी को अनुशासन की पार्टी कह रहे हो लेकिन जनसभा में अचार सहिंता का उल्लंघन खुलेआम किया जा रहा है। केशव प्रसाद मौर्य को सुनने आये लोगों को बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की लिखी उपलब्धियों की पुस्तक को सभा में बैठी महिलाओं और व्यक्तियों को देकर सरकार के कार्यों के बारे में बताने की भरपूर कोशिश की। सत्ता की हनक में बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा बेधडक सूचना एव जनसंपर्क
विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ की पुस्तकों को जनसभा में बाटी गई।
इस बात पर कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहा है कि आखिर कैसे ये पुस्तके लखनऊ से कानपुर देहात बीजेपी की जनसभा में पहुच गई। लाखों की तादाद में यहां पुस्तकों का वितरण किया गया। इसको रोकने ना तो कोई अधिकारी यहां पर मौजूद था और न ही निर्वाचन आयोग का कोई भी कोई भी अफसर दिखा। जबकि अकबरपुर में बीजेपी की इस जनसभा में आये समर्थको ने बताया कि ये पुस्तक बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनको दी है। वही इस बात पर जब जनसभा करने आये डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से पूछना चाहा तो उनका तीखे तेवर में कहना था कि बीजेपी अनुशासन की पार्टी है, जो कभी अनुशासन भंग नहीं करती है।