8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

4.64 लाख अभ्यर्थी,319 केंद्र और एआई निगरानी के बीच 09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा

Uttar Pradesh teacher recruitment exam:उत्तर प्रदेश में प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा 09-10 मई को 17 जिलों के 319 केंद्रों पर होगी। 4.64 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। एआई सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग, सख्त सुरक्षा और नकल पर कड़ी कार्रवाई के साथ परीक्षा आयोजित की जाएगी।

3 min read
Google source verification

UP lecturer recruitment exam 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 09 एवं 10 मई 2026 को किया जा रहा है। इस परीक्षा में रिकॉर्ड संख्या में 4,64,605 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जो इसे प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक बनाता है। परीक्षा का आयोजन दो दिन और दो पालियों में किया जाएगा, जिससे सभी अभ्यर्थियों को सुचारु रूप से परीक्षा देने का अवसर मिल सके। परीक्षा का संचालन 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। आयोग ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली

परीक्षा को सुरक्षित और नकलमुक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो परीक्षा की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नकल माफिया या परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि परीक्षा की शुचिता हर हाल में बनी रहे।

एआई तकनीक और कंट्रोल रूम से निगरानी

इस परीक्षा में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। सभी परीक्षा केंद्रों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। इन कैमरों को जिला कंट्रोल रूम और लखनऊ स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है। यहां से सभी केंद्रों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। आयोग ने सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस तकनीकी व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा को पारदर्शी बनाना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ना है, जिससे परीक्षा प्रणाली में विश्वास और मजबूती बनी रहे।

परीक्षा कार्यक्रम और विषयवार शेड्यूल

परीक्षा का आयोजन दो दिनों में विभिन्न विषयों के अनुसार किया जाएगा। 09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र सहित 6 विषयों की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र जैसे विषय शामिल रहेंगे। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान की परीक्षा आयोजित होगी। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला जैसे विषयों की परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। यह विस्तृत शेड्यूल अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा संचालन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

ओएमआर स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट

परीक्षा की पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर एक अभिनव पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परीक्षा समाप्त होते ही परीक्षा कक्ष में ही ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग की जाएगी। यह प्रक्रिया कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में पूरी होगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके। स्कैन किए गए डाटा को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा और बाद में मूल ओएमआर शीट से मिलान किया जा सकेगा। यह प्रयोग परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसे को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रतिबंध, चेतावनी और आयोग की अपील

आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूर्ण रोक रहेगी। एआई तकनीक की मदद से संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान पहले ही की जा चुकी है, जिन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें और प्रवेश पत्र के सभी निर्देशों का पालन करें। साथ ही किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से दूर रहें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट तथा एक्स हैंडल पर जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।