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भाजपा की तरह शक्तिशाली बनना है तो धूर्तता भी सीखनी पड़ेगी: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की 'गौ रक्षक धर्म युद्ध यात्रा' आज मऊ पहुंची। इस यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया और पश्चिम बंगाल के राजानीतिक घटनाक्रम एवं कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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मऊ

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Abhishek Singh

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Updated: 8 May 2026, 7:39 PM IST

Avimukteshwarananda Saraswati

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Image: Patrika)

Mau News: देश में बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण और भारतीय जनता पार्टी के बढ़ते वर्चस्व के बीच ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मऊ पहुंचकर भाजपा, बंगाल हिंसा, क्षेत्रीय दलों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। गौ रक्षक धर्म युद्ध यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रीय दलों को भाजपा की तरह शक्तिशाली बनना है तो उन्हें 'धूर्तता' भी सीखनी पड़ेगी।

शंकराचार्य कहा कि वर्तमान राजनीति में केवल सीधे-सादे तरीके से टिके रहना संभव नहीं है। भाजपा जिस रणनीति और राजनीतिक कौशल के बल पर देश में अपना विस्तार कर रही है, उसी प्रकार की चतुराई अपनाए बिना क्षेत्रीय दलों का अस्तित्व बचाना कठिन होता जा रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

पश्चिम बंगाल चुनाव पर भी बोले अविमुक्तेश्वरानंद

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं को लेकर भी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव के दौरान स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ बंगाल में मौजूद थे, तब चुनाव बाद इस प्रकार की हिंसा होना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हिंसा कैसे हो रही है और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

क्षेत्रिय दलों के लगातार कमजोर होने पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद

देश की राजनीति में क्षेत्रीय दलों के लगातार कमजोर पड़ने के मुद्दे पर शंकराचार्य ने कहा कि अब भारत में भी अमेरिका जैसी दो-दलीय व्यवस्था का प्रभाव दिखाई देने लगा है। उनका कहना था कि पूंजीवादी ताकतें और बड़ी राजनीतिक संरचनाएं ही अब लोकतंत्र की दिशा तय कर रही हैं। अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की राजनीति को बाहरी प्रभाव और फंडिंग भी समर्थन दे रही है। उन्होंने बिना नाम लिए देश की राजनीति में केवल दो चेहरों के प्रभावी होने की ओर इशारा किया, जिसे राजनीतिक विश्लेषक प्रधानमंत्री Narendra Modi और कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से जोड़कर देख रहे हैं।

ईरान युद्ध पर आया अविमुक्तेश्वरानंद का बयान

ईरान-अमेरिका तनाव और युद्ध की स्थिति पर बोलते हुए अविमुक्तेश्वरानंद कहा कि दोनों देशों को दुनिया के सामने अपने संघर्ष का स्पष्ट कारण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का असर केवल सीमित देशों तक नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया उसकी कीमत चुकाती है। ऐसे मामलों में विश्व के बुद्धिजीवियों और शांति समर्थकों को आगे आकर हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि वैश्विक तनाव कम हो सके।