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Mau News: बच्ची की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि बच्ची गंभीर रूप से झुलसी हुई थी और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए तीन डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है।
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मऊ

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Abhishek Singh

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Updated: 5 May 2026, 8:06 PM IST

Mau news, Pc: patrika

मऊ जिला अस्पताल में।हंगामा

Mau News: मऊ जनपद के जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 5 वर्षीय मासूम बच्ची अनाया की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

खौलते दूध में गिरी थी बच्ची

मिली जानकारी के अनुसार, अनाया अपने परिजनों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। इसी दौरान अचानक उस पर खौलता हुआ दूध गिर गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। हादसे के तुरंत बाद घबराए परिजन बच्ची को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उसे समय पर और सही उपचार नहीं मिल सका।

परिजनों का कहना है कि बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, लेकिन डॉक्टरों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक इंजेक्शन दिए जाने के बाद बच्ची की स्थिति और अधिक नाजुक हो गई। इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी दावा किया कि बच्ची को मृत अवस्था में ही दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जिसके कारण उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा और कीमती समय नष्ट हो गया।

बच्ची की मौत पर जमकर हंगामा

बच्ची की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से संभाला।

पुलिस मामले की जांच में जुटी

इस संबंध में मऊ अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि बच्ची गंभीर रूप से झुलसी हुई थी और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए तीन डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है। साथ ही, बच्ची का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जा रहा है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।