
कानपुर देहात-यूपी के जनपद कानपुर देहात में रक्षक ही भक्षक बन गया। आरोप है कि पुलिस विभाग के एक सिपाही ने घर मे घुसकर नाबालिग कक्षा 9 की छात्रा को अपनी हवस का शिकार बना लिया। इसके बाद वह छात्रा को चुप रहने की धमकी देकर फरार हो गया। पीड़ित परिवार ने खासी मशक्कत के बाद सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। वहीं पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन आरोपी सिपाही को जेल भेजने के बजाए पुलिस मामला रफा दफा करने में लगी है।
दरअसल कानपुर देहात के डेरापुर थाने की कान्धी चौकी में तैनात कांस्टेबल नीरज पटेल पर आरोप है कि उसने एक कक्षा 9 की नाबालिग छात्रा के घर मे घुसकर उसकी अस्मत लूट ली और मुंह ना खोलने की धमकी देकर फरार हो गया। दरअसल आरोपी सिपाही पीड़ित छात्रा के बगल में ही कमरा लेकर रह रहा था। उसने घटना को उस वक्त अंजाम दिया। जब घर के सभी लोग सो रहे थे। तब नीरज चोरी छिपे छात्रा के कमरे में घुस गया और छात्रा का मुँह और हाथ पांव बांधकर उसकी अस्मत लूट ली। जब नाबालिग छात्रा के पिता कमरे में गए तो वहां का मंज़र देख उनके होश उड़ गए। छात्रा का मुंह और हांथ पैर बंधे थे। काफी देर बाद बदहवास हालत में छात्रा ने अपने साथ हुयी वहशताना दास्तान बयान की।
इसके बाद पीड़ित परिवार डेरापुर थाने पहुंचा और अपनी बेटी के साथ हुयी दर्दनाक दास्तान बयान की। पीड़ित परिवार की खासी मशक्कत के बाद डेरापुर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपी पुलिसकर्मी नीरज को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन फिर भी जेल नही भेजा बल्कि मामले को थाना स्तर से ही रफा दफा करने का प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित छात्रा के परिजनों को जमकर धमकाया गया और कहा गया कि केस वापस ले लें। जब मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया, तब आरोपी सिपाही नीरज को जेल भेजा गया है।