कानपुर

बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़, गोली लगने से अपराधी घायल

बर्रा बाईपास के पास पुलिस ने घेरा, सरेंडर के बजाए करने लगे फायरिंग
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Jul 07, 2018
criminal injured in a police encounter in kanpur hindi news
बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़, गोली लगने से अपराधी घायल

कानपुर। पिछले पंद्रह दिनों से शहर में लूट, चोरी, रेप, मर्डर और अन्य वरदातों से आमशहरी खौफजदा था, तो वहीं विपक्षी दल भी पुलिस के कार्यप्रणाली पर सीएम योगी को घेर रहे थे। इसी से निपटने के लिए डीआईटी अलोक सिंह ने क्राइमब्रान्च व एसएसपी अखिलेश कुमार ने स्वाट टीम को अपराधियों को पकड़ने के लिए लगा दिया। देररात टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग लूट की घटना को अंजाम देने के लिए बर्रा बाईपास के पास खड़े हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस एक्शन में आई और उन्हें घेरकर सरेंडर को कहा। बदमाशों ने बाइक पर सवार होकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो पीछे बैठे अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली गई, वहीं दूसरा पुलिस के हत्थे लग गया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है।
देररात चली गोली
शहर में लूट की घटनाओं के खुलासे के लिए टीम लगाई गई थी। नौबस्ता इंस्पेक्टर संतोष सिंह, कल्याणपुर इंस्पेक्टर सतीश सिंह व विनोद मिश्र इसी संबंध में उस्मानपुर चौकी में रणनीति बना रहे थे कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग बर्रा बाईपास की तरफ से उल्टी दिशा में बाइक से आ रहे है । जिसपर नौबस्ता बाई पास से पहले पुलिस टीम ने घेरा बंदी कर उनकी गिरफ्तारी की कोशिश की। इस पर उस्मानपुर निवासी सोनू राजपूत ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में सोनू के दाहिने पैर में गोली लगी। जिससे बाइक से भाग रहा सोनू व कल्याणपुर निवासी साथी शेरा बाइक समेत गिर गए। पुलिस ने घायल सोनू को हैलट में भर्ती कराया। वहीं शेरा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस दौरान उसके दो साथी भागने में कामयाब रहे। पुलिस उनकी तलाश में नाकेबंदी कर चेकिंग व तलाशी अभियान चला रही है।
37 मुकदमे है दर्ज
सीओ गोविंद नगर सैफ़ुद्दीन वेग ने बताया कि राजपूत पर कानपुर के अलावा अन्य जिलों पर 37 मुकदमे दर्ज हैं तो उसके साथी शेरा पर 17 मामले दर्ज हैं। सोनू ने एक गैंग खड़ा कर लिया और पिछले कई माह से वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इसे पकड़ने के लिए प्रयास किए पर हर बार राजपूत निकल जाता। सीओ गोविंद नगर सैफ़ुद्दीन वेग ने बताया कि इन दोनों के खिलाफ गैंगेस्टर व गुंडा एक्ट की कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश के साथघटनाओं के संबंध में जानकारी जुटा रही है। सैफ़ुद्दीन वेग ने बताया कि सोनू महज 17 साल की उम्र में आयाराम-गयाराम की दुनिया में कदम रख दिया था और कानपुर के एक नामी गैंग का सदस्य बन गया। पहले राजपूत सुपारी लेकर लोगों की हत्या करता था। पुलिस ने इसे पकड़ कर जेल भेजा। जमानत पर बाहर आते ही इसने खुद का गैंग खड़ा कर लिया।
बाइक पर निकलते थे के सदस्य
सीओ गोविंद नगर सैफ़ुद्दीन वेग ने बताया के सोनू और शेरा गैंग के सदस्य रात होते ही बाइक पर सवार होकर निकलते थे। सूनसान इलाके में राहगीरों को अपना निशाना बनाते थे। साथ ही गैंग लूट की वारदातों के अलावा घरों में लूटपाट करते थे। सीओ ने बताया कि सोनू पिछले पांच साल से अपराधों को अंजाम दे रहा था। पुलिस की पूछताछ के दौरान शेरा ने कई अहम राज उगले हैं। पुलिस की टीमें गैग के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए लग गई हैं। रमईपुर में हुई लूटकांड में इसी गैंग का नाम सामने आया है। पुलिस ने इनकाउंटर के बाद पिस्टल और तमंचा सहित कारतूस बरामद किए हैं।

Published on:
07 Jul 2018 09:48 am