Kanpur news: कानपुर देहात के बहुचर्चित बेहमई कांड में एक बार फिर तारीख पड़ गई है। इस कांड की सुनवाई पिछले 42 साल से कानपुर देहात में चल रही है।
Kanpur news: कानपुर देहात का 42 साल पुराने बहुचर्चित बेहमई कांड की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। नियत तिथि पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता के न पहुंचने के चलते एक बार फिर मामले की सुनवाई टल गई। अब कोर्ट ने सुनवाई को 18 दिसंबर की तिथि नियत की है।
बताते चलें कि सिकंदरा के बेहमई गांव में 14 फरवरी 1981 को दस्यु फूलन देवी ने सामूहिक नरसंहार की घटना को अंजाम दिया था। जिसमें 20 लोगों को मौत हो गई थी। वहीं 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में गांव के ही वादी राजाराम ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। लेकिन न्याय की आस में न केवल वादी बल्कि मुख्य गवाह जंटर की भी मौत हो चुकी है और 42 साल के बाद भी मामले न्यायालय में लंबित है।
सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि बचाव पक्ष के अधिवक्ता की अन्य मामलों में व्यस्तता के कारण मामले में सुनवाई टल गई है। आरोपित श्यामबाबू और विश्वनाथ न्यायालय में उपस्थित रहे। कोर्ट में अगली सुनवाई की तिथि 18 दिसंबर नियत की है।