
CBI ने आर्मी कर्नल को गिरफ्तार किया। फोटो सोर्स-Ai
CBI Arrests Army Colonel: कोलकाता में ईस्टर्न कमांड के तहत आर्मी ऑर्डनेंस कोर में तैनात कर्नल रैंक के एक ऑफिसर को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान कर्नल हिमांशु बाली के रूप में हुई है। CBI के अनुसार, अधिकारी पर कानपुर की एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर करने, घटिया सामान को मंजूरी देने और बढ़े हुए बिल पास कराने के आरोप हैं।
CBI द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक कानपुरस्थित ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड नाम की कंपनी के निदेशकों ने सेना के टेंडर हासिल करने के लिए रिश्वत दी थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी साल एक बड़ा टेंडर कंपनी को रिश्वत के बदले दिया गया था।
एजेंसी के अनुसार, कर्नल हिमांशु बाली ने कथित तौर पर टेंडर प्रक्रिया में कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में हेरफेर किया। इसके अलावा कंपनी द्वारा दिए गए सैंपल की गुणवत्ता पर सवाल होने के बावजूद उन्हें मंजूरी दी गई। लंबित और कथित रूप से बढ़ाए गए बिलों को भी क्लियर कराने में मदद की गई।
CBI जांच में यह भी सामने आया है कि कर्नल हिमांशु बाली ने 22 अप्रैल को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में कंपनी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इसके दो दिन बाद यानी 24 अप्रैल को संबंधित टेंडर कंपनी को आवंटित कर दिया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में रिश्वत का लेनदेन हुआ और टेंडर देने के बदले आर्थिक लाभ लिया गया।
CBI के अनुसार, 16 मई को कर्नल हिमांशु बाली ने कथित तौर पर बची हुई 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। एजेंसी का आरोप है कि यह रकम हवाला चैनल के जरिए पहुंचाई जानी थी। इसी जानकारी के आधार पर CBI ने मामले में कार्रवाई तेज की और अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया।
CBIने इस मामले में कर्नल हिमांशु बाली के अलावा निजी ठेकेदार और कंपनी से जुड़े कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया है। FIR में कुछ अज्ञात व्यक्तियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया, वित्तीय लेनदेन और कथित हवाला कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक मामले से जुड़े दस्तावेज, टेंडर रिकॉर्ड और बैंकिंग लेनदेन की जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित रिश्वतखोरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
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Published on:
20 May 2026 10:22 am
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