Kanpur News: कानपुर कोर्ट में बार एसोसिएशन के महामंत्री पर जानलेवा हमले के बाद कचहरी परिसर की सुरक्षा को लेकर बैठक में अहम फैसले हुए।
बार एसोसिएशन के महामंत्री पर दूसरे वकीलों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर हमला बोल दिया। उनके साथ मारपीट करने के साथ ही रिवाल्वर निकालकर फायर झोंका, फायर मिस होने के कारण महामंत्री की जान बच सकी। इस मामले में बार के महामंत्री ने पांच नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। घटना के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आपात बैठक बुलाई। इसमें तीन वकीलों की सदस्यता निलम्बित कर दी गई है। उनके प्रैक्टिस लाइसेंस को निरस्त करने के लिए बार काउंसिल को पत्र भेजा गया है।
बार एसोसिएशन के महामंत्री अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उनका एक निजी मुकदमा सिविल जज द्वितीय के यहां चल रहा है। जिसमें उन्होंने एडवोकेट विनोद श्रीवास्तव को केस लड़ने के लिए नियुक्त किया है। मंगलवार को इसी मामले में विनोद श्रीवास्तव कोर्ट में बहस कर रहे थे। उसी दौरान विपक्ष की तरफ से एडवोकेट ओमकार बाजपेई, शरद बाजपेई, सुधीर बाजपेई, नीति बाजपेई, सौरभ तिवारी, आजाद कुरैशी व 10 अज्ञात ने एडवोकेट विनोद को कोर्ट में धमकाना शुरू कर दिया। महामंत्री को जब इसकी जानकारी हुई तो दोपहर 2:20 बजे वह कोर्ट पहुंचे। आरोपित बाहर ही उनका इंतजार कर रहे थे। आरोपितों ने महामंत्री को घेरकर हमला कर दिया। महामंत्री के मुताबिक आरोपितों में एक के पास रिवाल्वर था। उसने निकालकर फायर झोंका मगर वह मिस हो गया। इसके बाद आरोपितों ने महामंत्री से हाथापाई कर उनकी शर्ट फाड़ दी। उनके हाथ में चोट आई है।
मंत्री की तहरीर पर एफआईआर दर्ज
डीसीपी ईस्ट प्रमोद कुमार ने बताया कि महामंत्री की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में महामंत्री ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर ओंकार बाजपेई, सुधीर बाजपेई, शरद बाजपेई, सौरभ और आजाद कुरैशी व 10 अज्ञात के खिलाफ धारा 147 (बलवा), 307 (जान से मारने का प्रयास), 395 (डकैती), 427 (पचास रुपए या अधिक का नुकसान), 504,506 (जान से मारने की धमकी देना) रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तीन वकीलों की सदस्यता निलम्बित
इस घटना के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट नरेश त्रिपाठी ने आपात बैठक बुलाई। इसमें तय हुआ है कि एडवोकेट सुधीर बाजपेई, ओंकार बाजपेई और नीति बाजपेई की सदस्यता निलम्बित कर दी गई। अध्यक्ष के मुताबिक तीनों के खिलाफ बार काउंसिल को पत्र लिखा गया है कि उनके प्रैक्टिस लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाए। बार के प्रतिनिधियों ने वकीलों के चैम्बरों को भी सील कर दिया।