शेल्टर होम कांड में सियासत तेज, सपा ने सीएम योगी से मांग इस्तीफा, हालात नहीं सुधरे को सड़क से लेकर संसद को बंद कर देंगे सपाई
कानपुर। देवरिया कांड को लेकर सियासत चरम पर है। प्रदेश के कई राजनीतिक दल व समाजसेवी संगठन अब योगी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर कर प्रदेश सरकार पर हमला कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक इराफान सोलंकी व नगर अध्यक्ष मुईन खां समेत सैकड़ों कार्यकर्ता फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। इसी दौरान विधायक ने कहा कि सूबे में कानून व्यवस्था का राज नहीं, बल्कि अपराधियों का बोलबाला है। देवरिया में बच्चियों के साथ गलत काम करने वालों के खिलाफ सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। वो लीपापोती कर किसी को बचा रही है। अगर ऐसा हुआ तो समाजवादी लोग सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। इरफान ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मांग की है कि वो योगी सरकार को बर्खास्त कर यहां राष्ट्रपति शासन लगाएं।
खड़ी कर दी मुश्किलें
देवरिया काड को लेकर सियासत गरमाती जा रही है। शुरू हुई चुनावी मोर्चेबंदी के बीच देवरिया के संवासिनी गृह में हुए उत्पीड़न के मामले ने योगी सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। कानपुर में सहित अन्य राजनीतिक दलों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरकार को बर्खास्त करने के साथ ही दोषियों को फांसी देने की मांग की।फूलबाग स्थित गाधी प्रतिमा के समक्ष धरना देते हुए विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि देवरिया की घटना के दोषियों को फांसी दी जाए। साथ ही सीएम योगी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। कहा, केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए। सपा ने एडीएम सिटी को सौंपे गए ज्ञापन के जरिये माग की है कि इस मामले का संज्ञान राष्ट्रपति लें और जिम्मेदार योगी सरकार को बर्खास्त करें।
कानपुर की महिला को नहीं मिला न्याय
इस मौके पर सपा विधायक ने कहा कि सीबीआई को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के साथ ही सभी दोषियों की पहचान करे, जिससे उन्हें सख्त सजा मिले। इरफान ने बताया कि अभी कुछ माह पहले कानपुर के सरकारी शेल्टर होम में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। शासन-प्रशासन मामले को दबाने पर तुला था, लेकिन सपा कार्यकर्ताओं ने जब विरोध किया तो पुलिस ने संवासिनी के शव का पोस्टमार्टम कराया, जहां पूरे प्रकरण की पोल खोल कर रख दी। महिला के साथ रेप के हत्या की पुष्टि रिपोर्ट में आई थी। उस वक्त सपाईयों ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन योगी सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी। सीओ को जांच की जिम्मेदारी देकर इतिश्री कर ली गई। इसके बाद अभी तक एक भी दोषी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
राष्ट्रपति से की मांग
सपा नगर अध्यक्ष की आगवाई में सपाई सिटी मजिस्ट्रेट से मिले और एक ज्ञापन उन्हें सौंपा। ज्ञापन के जरिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से योगी सरकार को बर्खास्त कर यहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की। नगर अध्यक्ष ने बताया कि पिछले एक साल से यूपी की महिलाएं असुरक्षित हैं। आएदिन उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। सीएम योगी इनकाउंटर के नाम का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन अपराध रोकने में पूरी तरह से बिफल रही है। अगर उनके अंदर जरा सी भी नैतिकता बचा है तो तत्काल अपने पद से हट जाना चाहिए। अखिलेश सरकार के दौरान पुलिस-प्रशासन व्यवस्था ठीक थी। हर एक की जिम्मेदारी तस थी, लेकिन योगी जी की सरकार में अधिकारियों की चांदी है। कोई बड़ी घटना होती है तो छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर नौकरशाहों को बचा लिया जाता है। क्या कारण है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर योगी सरकार कार्रवाई नहीं करती। कुछ दाल में काला है।