खबर है कि नगर निगम व आवास विकास विभाग के बीच खींचतान में वार्ड 54 सत्यम विहार में विकास कार्य ठप पड़ा है. जीटी रोड से लगा वार्ड विकास की राह देख रहा है. आलम ये है कि क्षेत्र की सीवर लाइन पूरी तरह से लापता है और लीकेज के चलते घरों में दूषित पानी आ रहा है.
कानपुर। खबर है कि नगर निगम व आवास विकास विभाग के बीच खींचतान में वार्ड 54 सत्यम विहार में विकास कार्य ठप पड़ा है. जीटी रोड से लगा वार्ड विकास की राह देख रहा है. आलम ये है कि क्षेत्र की सीवर लाइन पूरी तरह से लापता है और लीकेज के चलते घरों में दूषित पानी आ रहा है. इतना ही नहीं, रही सही कसर वार्ड में टूटी सड़कें, फैली गंदगी और अतिक्रमण ने पूरी कर दी है. पर्यावरण के नाम पर ग्रीन बेल्ट व पार्क क्षेत्र में है लेकिन हरियाली की जगह गंदगी व कब्जे हैं.
दर्द को उठाया अधिकारियों के सामने
इस क्रम में जनता ने अपना दर्द क्षेत्रीय विधायक नीलिमा कटियार, पार्षद विजय यादव और अफसरों के सामने उठाया. क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि हर साल करोड़ों रुपये गृहकर व जलकल देते हैं, लेकिन विकास के नाम पर केवल कागजी घोषणाएं ही मिलती है. सीवर लाइन अभी भी कई इलाकों में नहीं पड़ी है, जो पड़ी है वह चोक है या लीकेज है. इसके चलते निकासी व्यवस्था ठप है. क्षेत्र में गंदा पानी भरा रहता है. बारिश में स्थिति और भी भयावह हो जाती है. सीवर व पाइप लाइन लीकेज होने के कारण दूषित पानी कई इलाकों में आ रहा है.
होना था ऐसा विकास कार्य
क्षेत्रीय जनता ने बताया कि दूषित पानी आने के कारण कई लोगों ने सबमर्सिबल पंप लगवा लिए हैं. क्षेत्र में लगे हैंडपंप केवल दिखावा बने हुए है इसके चलते चल रहे हैंडपंपों में लाइन लगानी पड़ती है. केशवपुरम समाज कल्याण विकास समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भवन संख्या 399 से भवन संख्या 427 के बीच स्थित पार्क के सौन्दर्यीकरण और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के लिए पिछले छह साल से जनप्रतिनिधियों व अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं.
70 फीसद लाइटें हैं बंद
बरगद चौराहा के पास सड़क के दोनों तरफ टाइल्स लगनी है लेकिन नहीं लग पा रही है. क्षेत्र में 70 फीसद लाइटें बंद हैं. अंधेरा होने के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है. इसके चलते क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ रही है. अतिक्रमणकारियों ने क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट और फुटपाथ पर कब्जा कर लिया है. सड़क तक कब्जे होने के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है. सड़क पर ही सब्जी मंडी लगती है, जिससे जाम की स्थित उत्पन्न हो जाती है. जनता के विरोध करने पर कब्जेदार मारपीट पर उतारू हो जाते है.