राष्ट्रपति के जाते ही एक्शन में डीएम विश्वास, उर्सला अस्पताल का किया निरीक्षण, लगाई फटकार
कानपुर। योगी सरकार सत्ता में आते ही कानपुर की बागडोर एक युवा आईएएस सुरेंद्र सिंह को सौंपी। पहले तो उन्होंने भी कड़क दिखाई और भ्रष्टाचार के साथ ही जिले के अधिकारियों पर नकेल कसने की कोशिश की, लेकिन एकाकए वो शातं हो गए। सरकारी बाबुओं के पान की पीक से दिवारें लाल होने लगीं। जहरीली शराब कांड, हैलट में पांच मरीजों की मौत तो खनन माफियाओं पर नकेल कसने में विफल रहने पर सीएम ने डीएम सुरेंद्र सिंह को यहां से हटा दिया और हल्द्धानी के मुल निवासी विजय विश्वास पंत को कानपुर का कलेक्टर बना दिया। चार्ज संभालते ही पंत राष्ट्रपति के कार्यक्रम में जुट गए और उनके जाते ही विश्वास सड़क पर उतर आए। शनिवार को वह सीधे उर्सला अस्पताल पहुंच गए और वहां अव्यवस्थाओं को देख भड़क गए। मरीजों से उनका हाल-चाल पूछा तो तीमारदारों से भी सीधे रूबरू हुए। शिकायत सुन डीएम डॉक्टर्स पर भड़ग गए और जल्द से जल्द सुधर जाने की हिदायद दे डाली।
अस्पताल में समस्याओं का अंबार
डीएम विजय विश्वास पंत शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां पर आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और फिर कार पर सवार होकर उर्सला अस्पताल के निरीक्षण के लिए निकल पड़े। अस्पताल में प्रवेश करते ही उन्हें अव्यवस्थाओं से रूबरू होने का मौका मिला। आईसीयू में डॉक्टर्स सहित अन्य कर्मचारी आराम फरमा रहे थे तो वहीं मरीज वेंटीलेटर पर दर्द से कराह रहे थे। डीएम ने यह देख उर्सला के निदेश को तलब कर लिया और सभी को जमकर फटकार लगाते हुए अव्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने इस मौके पर कहा कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो निलंबन के साथ एफआईआर तक की कार्रवाई की जाएगी। हम कभी भी किसी वक्त उर्सला आकर निरीक्षण कर सकते हैं।
पैसा मांगे तो तत्काल शिकायत करें
डीएम ने मरीजों और उनके तीमारदारों से कहा कि इलाज के नाम पर जो भी पैसा मांगे उसके खिलाफ आवाज उठाते हुए तत्काल मुझे अवगत कराएं। इसके लिए आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल कर उसकी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कर मुझे बताएं। ऐसे भ्रष्ट कर्मी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में सभी कुछ वार्डो के अलावा शौचालय में काफी गंदगी मिली। उन्होंने वार्ड के साथ-साथ शौचालय भी साफ रखने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल में डस्टबिन रखने के निर्देश दिए। उर्सला प्रशासन को साफ तौर से निर्देश दिए कि पान-गुटखा खाकर आने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। तीमारदार व हो अस्पताल के कर्मचारी किसी को न बख्शे।
डस्टबिन लगवाने के दिए निर्देश
डीएम ने कहा कि अस्पताल परिसर को साफ रखने के लिए लोगों को जागरूक करते हुए सभी जगह डस्टबिन लगाए जाएं और लोग कूड़ा उसी में डालें। एंटी रेबीज वैक्सीन एआरवी के संबंध में शासन स्तर से उसकी कमी दूर करने के लिए पत्र लिख कर तत्काल मंगाने के लिए कहा है। डीएम ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि जो भी समस्याएं हों उनके बारे में हमें जानकारी दें। उनका तत्काल निराकरण किया जाएगा। अस्पताल में डॉक्टर्स य अन्य कर्मचारी मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे न ले इसके लिए निदेशक को नजर रखने को कहा। वार्डो के अलावा आईसीयू में सीसीटवी कैमरे लगवाए जाने के निर्देश दिए।
...तो दर्ज होगी एफआईआर
डीएम ने उर्सला के अलावा अन्य सरकारी अस्पतलों के निरीक्षण की बात कही। कहा, हम जिले के किसी भी अस्पताल का ऑचक निरीक्षण कर सकते हैं और अगर वहां डॉक्टर्स य कर्मचारियों की शिकायत मिली तो उन्हें निलबंन के साथ जेल भी भेजा जाएगा। सरकार की योजनाएं लाभार्थियों को मिले इसके लिए जिले के सभी विभाग के अधिकारी इमानदारी से काम करें। डीएम ने कहा कि कानपुर में मैंने कई साल गुजारे हैं। इसलिए यहां की समस्याओं के बारे में मुझे पूरी जानकारी है। अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें दूर किया जाएगा। जहां-जहां अभी टॉयलेट नहीं बनें, वहां-वहां दो अक्टूबर से पहले शौचालयों को निर्माण करा दिया जाएगा।