
कानपुर। पंजाब के अमृतसर में रावण दहन के दौरान पुतला एकाएक गिर गया, जिसके चलते मौके पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे और रेलवे ट्रैक के पास जा पहुंचे और ट्रेन की चपेट में आने से पचास से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। कुछ इसी तरह से बड़ा हदास कानपुर मे हो गया। यहां की प्रसिद्ध परेड रामलीला में रावण दहन के दौरान पंडाल में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने के चलते लोग जान बचाने के लिए भागे। पुलिस-प्रशासन ने आपतकालीन व्यवस्था के लिए पहले से पुख्ता इंतजाम किए हुए थे, जिसके कारण जान-माल का नुकसान नहीं हो पाया। दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
एकाएक चिंगारी निकली
अमृतसर के बाद कानपुर की सबसे पुरानी परेड ग्राउंड में रावण दहन के दौरान एकाएक चिंगारी निकली और पास के झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दौरान रावण दहन के लिए मौजूद सैकड़ों लोग जान बचाने के लिए ग्राउंड से भागने लगे। जिसके चलते कुछ महिलाएं और बच्चे जमीन पर गिर गए और उन्हें रौंदते हुए भीड़ निकल रही थी। मौके पर मौजूद पीएसी और पुलिस के जवान हरकत में आए और लोगों को एक-एक कर ग्राउंड से बाहर किया।
चिंगारी के चलते लगी आग
परेड में रावण का दहन का कार्यक्रम चल रहा था। करीब 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले पर जैसे ही भगवान श्रीराम ने बाण चलाकर दहन किया, वैसे ही वो धूं-धूं कर जलने लगा और उनके अंदर रखे पटाखों की चिंगरी ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही भगदड़ मच गई। पुलिसबल ने किसी तरह से लोगों को कंट्रोल किया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
पहले से रख रखे थे पुख्ता इंतजाम
पुलिस-प्रशासन ने परेड ग्राउंड में पुतला दहन के दौरान लोगों को काबू करने और हादसे को रोकने के लिए पुख्ता इंजजाम पहले से ही कर रखे थे। आग लगते ही पुलिस ने पब्लिक को रेका तो दमकल के जवान आग को बुझाने के लिए जुट गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ग्राउंड में सैकड़ों की संख्या में दर्शक मौजूद थे। जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे।