कानपुर

ई-रिक्शा-ऑटो की बढ़ती फौज ने थाम दी कानपुर की रफ्तार, हर दिन जाम में कैद हो रही जिंदगी

Kanpur News: कानपुर में ई-रिक्शा और ऑटो की बढ़ती संख्या से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अवैध स्टैंड, सड़क किनारे पार्किंग और नियमों की अनदेखी से घंटाघर, बड़ा चौराहा, रावतपुर, कल्याणपुर और पनकी समेत कई इलाकों में रोजाना जाम लग रहा है।
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Aug 05, 2026
Kanpur Nagar
ई-रिक्शा और ऑटो की भीड़ से जाम में फंसा कानपुर - फोटो पत्रिका

Kanpur Traffic: कानपुर में पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती यात्रा का विकल्प माने जाने वाले ई-रिक्शा और ऑटो अब कानपुर की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में शहर की सड़कों पर ई-रिक्शाओं और ऑटो की संख्या तेजी से बढ़ी है। नतीजा यह है कि प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। अवैध स्टैंड, सड़क किनारे मनमानी पार्किंग और यातायात नियमों की अनदेखी से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घंटाघर से पनकी तक हर दिन जाम की समस्या

घंटाघर, बड़ा चौराहा, नवीन मार्केट, कल्याणपुर, रावतपुर और पनकी जैसे क्षेत्रों में सुबह और शाम सबसे अधिक दबाव रहता है। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा और ऑटो सवारी के इंतजार में सड़क किनारे या चौराहों के आसपास खड़े रहते हैं। कई बार चालक बीच सड़क पर ही यात्रियों को बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

अवैध स्टैंड और नियमों की अनदेखी बनी बड़ी वजह

शहर के कई हिस्सों में बिना अनुमति ई-रिक्शा और ऑटो स्टैंड संचालित हो रहे हैं। कई चालक गलत दिशा में वाहन चलाते हैं और नो-एंट्री क्षेत्रों में भी प्रवेश कर जाते हैं। निर्धारित स्टॉप के बजाय सड़क पर कहीं भी वाहन रोक देने से यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्टैंड और संचालन की व्यवस्था व्यवस्थित हो जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

आम लोगों की बढ़ रही परेशानी

रावतपुर निवासी सौरभ तिवारी कहते हैं, 'रोज सुबह दफ्तर जाते समय चौराहों पर जाम में फंसना पड़ता है। कई बार 10 मिनट का सफर 30 मिनट में पूरा होता है।'

नवीन मार्केट आने वाली रीना गुप्ता का कहना है, 'बाजार में ई-रिक्शाओं की भीड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन को स्थायी समाधान निकालना चाहिए।'

छात्र अभिषेक सिंह बताते हैं, 'कॉलेज पहुंचने में अक्सर देर हो जाती है। चौराहों पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े ई-रिक्शा यातायात बाधित करते हैं।'

वहीं ई-रिक्शा और ऑटो चालको का कहना है, 'हम भी नियमों का पालन करना चाहते हैं,लेकिन पर्याप्त अधिकृत स्टैंड नहीं हैं। सवारी के इंतजार में सड़क किनारे रुकना मजबूरी बन जाता है।'

पुलिस ने कार्रवाई जारी रहने की कही बात

पुलिस आयुक्त ने बताया कि समस्त थाने की पुलिस टीम यातायात पुलिस के साथ शहर में जाम की समस्या कम करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध स्टैंड हटाने, गलत दिशा में वाहन चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ चालकों और आम नागरिकों के सहयोग से ही शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।

Updated on:
05 Aug 2026 09:15 pm
Published on:
05 Aug 2026 09:15 pm