
कानपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर जहां अन्य दल बीजेपी को घेरने के लिए रणनीति बना रहे हैं तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से दिल्ली की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए लोगों के लिए सरकारी खजाना खोल दिया है। इसी के तहत 45 सौ करोड़ रूपए की लागत से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया लाएगा। एक्सप्रेस-वे के बन जाने से यूपी के और मध्यप्रदेश राज्य के करीब 20 से ज्यादा लोगों को फाएदा होगा। जहां इस वक्त करीब दो से ढाई घंटे में यात्री कानपुर से लखनऊ पहुंच पाते हैं वहीं इसके बन जाने से ये सफर महज 40 से 45 मिनट का होगा।
45 सौ करोड़ का है प्रोजेक्ट
कानपुर से लखनऊ के लिए हररोज हजारों की संख्या में लोग सफर करते हैं और जाम की समस्या से जुझते हैं। इसी से छुटकारा दिलाए जाने के लिए मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस के निर्माण कराए जाने के लिए 45 सौ करोड़ की धनराशि स्वीकृति की है। इसके बन जाने से चित्रकूट, बांदा, कबरई, हमीरपुर, कानपुर देहात, झांसी, उरई, छतरपुर, सागर सहित अन्य समेत दो दर्जन से अधिक जिलों के लोगों को सीधे फाएदा होगा। अभी इन जिलों के लोग कानपुर होते हुए लखनऊ जाते हैं। इस वजह से लखनऊ-कानपुर हाईवे पर यातायात का भारी दबाव है। लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
मंत्री से की गई थी मांग
नमामि गंगे योजना के तहत पिछले दिनों कानपुर आए भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से सांसद देवेंद्र सिंह भोले और मंत्री सतीश महाना और मंत्री सत्देव पचौरी ने लखनऊ-कानपुर हाईवे पर यातायात का भारी दबाव की समस्या के बारे में जानकारी दी थी। साथ ही इससे एक एक्सप्रेस-वे के निर्माण कराए जाने की मांग की थी। भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस हाईवे के समानांतर छह लेन का एक्सप्रेस-वे बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योजना के तहत यह एक्सप्रेस-वे उन्नाव में चंद्रशेखर मोड़ से बनी तक भूतल होगा और फिर वहां से एलीवेटेड होकर अमौसी औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्कूटर इंडिया की इकाई के समीप उतरेगा। वैसे तो इसे गंगा बैराज तक बनाकर बाबा घाट पर गंगा पर प्रस्तावित पुल से जोडऩे की योजना है। फिलहाल अचलगंज से लखनऊ तक का डीपीआर तैयार कर प्राधिकरण मुख्यालय भेज दिया गया है।
मंजूरी मिलते ही शिलान्यास
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पी शिवशंकर के मुताबिक कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे 45 सौ करोड़ रुपये से बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लखनऊ इकाई ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मुख्यालय को भेज दिया है, अब मंजूरी मिलते ही शिलान्यास की प्रक्रिया शुरू होगी। बताया, इसके बन जाने के बाद यातायात जाम की समस्या समाप्त होगी। बीजेपी नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि दो माह पहले ही हमने मंत्री गड़करी से एक्सप्रेस के निर्माण कराए जाने की मांग की थी। मंत्री ने कानपुर के अलावा यूपी के अन्य जिलों के लिए खुशखबरी दी है। इसके बन जाने स ेअब जाम से छुटकाए के साथ ही समय की बचत होगी।
पीएम कर सकते हैं शिलान्यास
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है क्योंकि नवंबर अंत या दिसंबर के पहले पखवारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास कर सकते हैं। जिसके चलते सरकारी विभागों के अलावा बीजपी के जनप्रतिनिधि भी अंदरखाने तैयारी में जुटे हैं। बीजेपी के नेता चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले एक्सप्रेस-वे की नींव रख जाए और प्रधानमंत्री की इसी बहाने के एक बड़ी सभा हो जाएगी। नगर अध्यक्ष ने कहा कि हम चाहते हैं कि एक्प्रसेस-मार्च तक बन जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करें।