कानपुर

कानपुर में विस्फोट से चार मकान ढहे, 2 की मौत

एनडीआरएफ और एटीएस टीम भी मौके पर पहुंची, आईटीबीपी के जवान मोर्चे पर।

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Oct 04, 2017
three killed in Kanpur blast

कानपुर. मोहर्रम के मौके पर रावतपुर और परमपुरवा में सांप्रदायिक दंगे के तीन दिन बाद एक जोरदार धमाका। महराजपुर इलाके की सरसौल बाजार में बुधवार की दोपहर तेज धमाके के साथ चार मकान जमींदोज हो गए। इस हादसे में 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई अन्य ज मी हैं। घायलों को चकेरी क्षेत्र के कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एनडीआरएफ की टीम मौके पर राहत और बचाव के कार्य में जुटी है। धमाके के कारणों की पड़ताल के लिए लखनऊ से एटीएस की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, दीपावली पर अवैध पटाखे बनाने के लिए भारी मात्रा में बारुद एकत्र किया गया था, जोकि विस्फोट का कारण बना।

एक मकान मटियामेट, चार अन्य क्षतिग्रस्त

पुलिस के मुताबिक, सरसौल बाजार में रघुनाथ सिंह उर्फ बाबू सिंह के मकान में बुधवार की दोपहर करीब एक बजे तेज धमाके के साथ जबरदस्त विस्फोट हुआ। इस धमाके में बाबू का मकान जमींदोज हो गया, जबकि अगल-बगल के चार अन्य मकान भी ढह गए। हादसे में बाबू सिंह के बड़े बेटे नीरज तथा दो अन्य लोगों की मौत हो गई। बाजार में खरीदारी करने आए कई लोग घायल भी हुए हैं। आशंका है कि मकानों के मलबे में कुछ अन्य लोग भी दबे होंगे। हादसे के बाद नर्वल मोड़ पर स्थित आईटीबीपी के क्षेत्रीय मुख्यालय से जवान पहुंचे और स्थानीय पुलिस के साथ राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। विस्फोट में ज मी हुए लोगों को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एनडीआरएफ और एटीएस टीम भी मौके पर

कानपुर में बारुदी धमाके की सूचना के बाद लखनऊ से एनडीआरएफ तथा एटीएस टीम भी मौके पर पहुंच गई है। एनडीआरएफ टीम ने मलवा हटाकर शवों को निकाला, जबकि अन्य मकानों के मलबे में लोगों की खोज का काम जारी है। उधर, एटीएस टीम भी आतंकी कनेक्शन को लेकर अपनी पड़ताल शुरू कर चुकी है। अलबत्ता कानपुर पुलिस के मुताबिक, दीपावली पर अवैध पटाखों को बनाने के लिए बाबू सिंह ने अपने मकान में बड़ी मात्रा में बारुद एकत्र किया था। आशंका है कि पटाखों को बनाते समय किसी चूक के कारण विस्फोट हुआ है। हादसे के बाद बाबू सिंह तथा अन्य परिजन गायब हैं।

कई मकानों में अवैध पटाखे बनाने का काम

इलाके में तलाशी के लिए पांच थानों की फोर्स को मुस्तैद कर दिया गया है। डीआईजी सोनिया सिंह को खबर मिली है कि प्रत्येक बरस दीपावली में सरसौल तथा आसपास के इलाकों में अवैध पटाखों को बनाने का काम चलता है। इस इनपुट के बाद पुलिस को सरसौल कस्बे के संदिग्ध मकानों की तलाशी के काम में जुटा दिया है। अलबत्ता स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबू सिंह के मकान में अवैध पटाखों के कारोबार के बारे में कोई सूचना नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, बाबूसिंह और उसके लड़के अवैध पटाखों का काम करते हैं। इस काम में कुछ मजदूरों को भी लगाया गया था। मजदूरों की किसी चूक के कारण बारुद में धमाका होने से यह हादसा हुआ है।

Updated on:
04 Oct 2017 11:05 pm
Published on:
04 Oct 2017 05:02 pm
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