कानपुर

सीएम योगी की रडार पर चढ़े करप्ट अफसर, UPSIDC के प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

यूपीएसआईडीसी प्रबंधक पर अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की सम्पत्ति अर्जित की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने आरोप सही पाया है, निरीक्षक ने दर्ज करया मुकदमा, जाना पड़ सकता है जेल।

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Nov 13, 2018
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सीएम योगी की रडार पर चढ़े करप्ट अफसर, UPSIDC के प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कानपुर। यूपी की बागडोर संभालने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार व भ्रष्टचारियों के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। गरीबों कर राशन हड़पने वाले कोटेदारों के अलावा कई अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भिजवाया है तो वहीं एक अन्य मामले पर सोमवार को कल्याणपुर थाने में यूपीएसआइडीसी के प्रबंधक सुधीर कनौजिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई। इन पर पर अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की सम्पत्ति अर्जित करने का आरोप है। पूरे पेकरण की जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की टीम कर रह थी।

करोड़ों की बनाई संपत्ति
सीएम योगी आदित्यनाथ अब सरकारी तंत्र पर पैर जमाए भ्रष्टाचार पर प्रहार कर दिया है। आय से अधिक संपत्ति बनाने वाले सरकारी बाबुओं और अफसरों की कुंडली सर्तकता विभाग के अलावा अन्य एजेंसियों के जरिए खंगाली जा रही है। इसी के तहत उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्रबंधक सुधीर कुमार कनौजिया पर आय से अधिक संपत्ति के तहत मामला सामने आया है। उनके के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता विभाग की टीम निरीक्षक सिकंदर खां की निगरानी में चल रही थी। सुधीर ने अपनी आय व अन्य श्रोतों से दो करोड़ 10 लाख दो हजार बयासी रुपये की आय अर्जित की है। परिसम्पतियों के अर्जन पर एवं भरण पोषण में दो करोड़ 37 लाख 57 हजार 792 रुपये पाया गया। जिसमें अपनी आय के सापेक्ष 27 लाख 55 हजार 710 रुपये अधिक व्यय पाया गया।

जवाब नहीं देने पर मुकदमा
जांच टीम ने प्रबंधक से पूछताछ करने के साथ उनसे इसका रिकार्ड मांगा पर वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। न ही खर्च का कोई विवरण प्रस्तुत कर सके। जांच टीम ने सुधीर कुमार को अनानुपातिक परिसम्पत्ति अर्जन करने में प्रथम दृष्टया दोषी पाया। उनके खिलाफ भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत निरीक्षक सिकंदर खां ने कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। निरीक्षक ने बताया कि कनौजिया की सपंत्ति की बारीकी से जांच की गई और बैंकों के अलावा अन्य प्रापर्टी के दस्तावेज एकत्र किए गए। इनको नोटिस देकर पैसे का हिसाब मांगा गया, पर देने में कनौजिया असमर्थ रहे।

फिर से खुली फाइल
सुधीर के विरुद्ध 5 साल पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच शुरू हुई थी। लेकिन अखिलेश सरकार में कनौजिया ने किसी तरह से जांच रूकवा दी। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद फाइल फिर से खुली और सरकार ने पूरे प्रकरण की जल्द से जल्द जांच किए जाने का आदेश दिया। इसी के बाद तीन माह के दौरान जांच टीम ने इन्हें दोषी पाया। निरीक्षक ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने यूपीएसआइडीसी एमडी ( अब सीईओ यूपीसीडा ) से मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। शासन की सहमति के बाद मुकदमा दर्ज हो गया है। सतर्कता अधिष्ठान की रिपोर्ट के बाद सुधीर के विरुद्ध निलंबन की भी कार्रवाई हो सकती है, साथ ही गिरफ्तारी भी हो सकती है।

मुझे नहीं जानकारी
वहीं मामले पर प्रबंधक सुधीर कनौजिया का कहना है कि उनके विरुद्ध पिछले कई वर्षों से जांच चल रही थी। मुकदमा दर्ज हुआ या नहीं उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। अब मामले की जानकारी करेंगे। कनौजिया के अलावा विभाग के अन्य अधिकारियों की संपत्ति की जांच हो सकती है। इसी के चलते आज पूरे दिन यूपीएसआईडीसी के ऑफिस में अधिकारी एक-दूसरे से जानकारी लेते रहें। सूत्रों की मानें तो सरकार कई अन्य अधिकारियों की जांच के आदेश दिए हैं और जांच टीम काम पर लग चुकी हैं।

Published on:
13 Nov 2018 07:12 pm