
Food Adulteration: खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के लिए हर बार प्रयोगशाला जांच कराना जरूरी नहीं है। कुछ खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच घर पर ही आसान तरीकों से की जा सकती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ मोबाइल प्रयोगशाला का लाइव डेमो आयोजित किया गया। इसमें अधिकारियों ने लोगों को दूध, घी, मसाले, शहद, चायपत्ती और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की प्रारंभिक पहचान के तरीके बताए। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता और मिलावट के खिलाफ जागरूकता को जरूरी बताया। अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता खुद भी कुछ आसान घरेलू परीक्षणों के जरिए संदिग्ध खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच कर सकते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, दूध में डिटर्जेंट की मिलावट की जांच के लिए दूध और पानी को बराबर मात्रा में लेकर कांच की शीशी में जोर से हिलाया जा सकता है। यदि गाढ़ा और देर तक टिकने वाला झाग बने तो डिटर्जेंट की मिलावट की आशंका हो सकती है। वहीं शुद्ध दूध में अपेक्षाकृत हल्का झाग बनता है। दूध, पनीर, खोया और घी में स्टार्च की जांच के लिए नमूने में आयोडीन की कुछ बूंदें डालने की जानकारी दी गई। रंग नीला पड़ने पर स्टार्च की मौजूदगी मानी जा सकती है।
काली मिर्च की प्राथमिक जांच के लिए उसे पानी से भरे गिलास में डालने का तरीका बताया गया। शुद्ध काली मिर्च नीचे बैठ जाती है, जबकि पपीते के बीज जैसे मिलावटी पदार्थ ऊपर तैरने लगते हैं। लाल मिर्च और हल्दी की जांच के लिए पानी में पाउडर डालकर उसके व्यवहार और रंग को देखा जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि पानी में असामान्य रंग का फैलना या संदिग्ध अवशेष मिलावट की ओर संकेत करते हैं।
घी की जांच के लिए उसे पिघलाकर देखने की विधि बताई गई। शुद्ध घी पानी में डालने पर अलग तरह से व्यवहार करता है, जबकि मिलावटी पदार्थ में अंतर दिखाई देता है। शहद की प्राथमिक जांच में पानी में बूंद डालने पर उसके फैलने और नीचे बैठने की स्थिति देखी जा सकती है। दालचीनी की पहचान के लिए उसकी छाल की बनावट पर ध्यान देने को कहा गया। असली दालचीनी की छाल अपेक्षाकृत पतली और मुलायम होती है, जबकि मिलावटी कैसिया की छाल मोटी और कठोर होती है।
अधिकारियों ने चांदी के वर्क की जांच का तरीका भी बताया। शुद्ध चांदी का वर्क उंगलियों के बीच रगड़ने पर पूरी तरह चूर्ण हो जाता है, जबकि एल्युमिनियम का वर्क छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है। इसी तरह शहद, सरसों, चायपत्ती और हरी मटर की प्राथमिक जांच के तरीके भी बताए गए। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की कि खाद्य सामग्री केवल स्वच्छ और पंजीकृत प्रतिष्ठानों से खरीदें। किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें।