
Ganga Water Level Rising: पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश और ऊपरी बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है।कानपुर बैराज से गंगा में 2,61,933 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे कानपुर और उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में गंगा किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
नियंत्रण कक्ष के अनुसार सुबह आठ बजे बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 113.280 मीटर और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 113.130 मीटर दर्ज किया गया। वहीं शहर और उन्नाव की सीमा से लगे शुक्लागंज क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 111.930 मीटर पहुंच गया है।सिंचाई विभाग के मानकों के मुताबिक शुक्लागंज में 113.000 मीटर चेतावनी बिंदु और 114.000 मीटर खतरे का निशान निर्धारित है। हालांकि पिछले दिनों शुक्लागंज की तरफ जलस्तर 112.07 मीटर तक पहुंचने के बाद कुछ कम हुआ था, लेकिन अब नरौरा और हरिद्वार बैराज से आ रहे पानी के कारण दोबारा तेजी की आशंका है।
नरौरा बैराज से 1,67,688 क्यूसेक और हरिद्वार बैराज से 87,481 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। विभाग के मुताबिक यदि बैराज से डिस्चार्ज बढ़कर 5,44,373 क्यूसेक तक पहुंचता है तो गंगा का जलस्तर खतरे के निशान यानी 115 मीटर तक पहुंच सकता है।जलस्तर बढ़ने से अटल घाट, सरसैया घाट और शुक्लागंज के नमामि गंगे घाट की सीढ़ियों तक पानी पहुंचने लगा है। विदुर क्षेत्र में ऐतिहासिक ब्रह्मावर्त घाट भी जलमग्न हो चुका है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से चैनपुरवा, ब्रीनियापुरवा, भगवानीदीनपुरवा, दुर्गापुर्वा, गोपालपुरवा, मकनपुरवा, शुक्लागंज मोहल्ले, मिश्रा कॉलोनी, गंगाबैर, सीताराम कॉलोनी, बालूघाट, मनोहर नगर, इंद्रानगर और शकुनगर समेत कई कटरी इलाकों में कटान और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। किसानों की तरोई, लौकी, कद्दू, खीरा समेत सब्जियों की फसलें पानी की चपेट में आने लगी हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। एनडीआरएफ की टीमों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर ग्राउंड स्टाफ और स्थानीय तहसील कर्मचारियों के संपर्क नंबर जुटाए हैं। नगर निगम और सिंचाई विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से अटल घाट समेत प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग और रस्सियां लगा दी हैं।प्रशासन ने तटवर्ती लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और नाव चालकों व गोताखोरों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।