लखनऊ कानपुर के बीच चलने वाली ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने की योजना पर कार्य चल रहा है। रेलवे ट्रैक को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लायक बनाया जा रहा है। इसके बाद 70 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन को 1 घंटे से भी कम समय लगेगा। जो इस समय लगभग एक घंटा पचास मिनट का समय लग रहा है। मिशन रफ्तार के अंतर्गत हो रहे कार्य लखनऊ कानपुर के बीच बड़े पैमाने पर कार्य हो रहा है।
कानपुर लखनऊ के बीच चलने वाले रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब दोनों महानगरों के बीच ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। लखनऊ के मानक नगर में इंटरलॉकिंग का काम होने के बाद सिग्नल और रेलवे ट्रैक पर भी काम किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद गाड़ियों की रफ्तार बढ़ जाएगी। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया जा रहा है। वर्तमान समय में कानपुर लखनऊ के बीच 71 किलोमीटर की दूरी पूरा करने में लगभग एक घंटा पचास मिनट का समय एक्सप्रेस ट्रेनों को लगता है। यह समय घटकर अब एक घंटे से नीचे आ जाएगा।
मिशन रफ्तार के अंतर्गत लखनऊ कानपुर के बीच रेलवे ट्रैक को तैयार किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत अब गाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। जबकि वर्तमान समय में गाड़ियों की औसत स्पीड लगभग 70 किलोमीटर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन रफ्तार की मंशा पर हो रहे कार्य के पूरा होने के बाद ट्रेन की स्पीड और बढ़ जाएगी। 2023 में 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने का लक्ष्य है। जबकि 2024 में 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की योजना है।
इस संबंध में लखनऊ मंडल पीआरओ विक्रम सिंह ने बताया कि लखनऊ कानपुर रेल खंड में सिगनलिंग, पैकिंग, ओएचई पर कार्य प्रगति पर है। लखनऊ कानपुर के बीच गाड़ियों की संख्या को देखते हुए दो और लाइन बिछाने की योजना है। जिसकी मंजूरी मिल चुकी है। जिस पर भी काम चल रहा है। इस संबंध में राज्य सरकार से भी बातचीत करने की पहल हो रही है। कानपुर और लखनऊ के बीच कुल 12 स्टेशन है जिसमें उन्नाव जंक्शन रेलवे स्टेशन भी शामिल है।