कानपुर

धोनी सहित तमाम बड़े क्रिकेटर के साथ खेल चुका है मैच, अब लड़ रहा जिंदगी की जंग

धोनी सहित तमाम बड़े क्रिकेटर के साथ खेल चुका है मैच, अब लड़ रहा जिंदगी की जंग

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Sep 03, 2017
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कानपुर. एक फोटोग्राफर के बेटे का सपना पूर्व टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन रवि शास्त्री की तरह बैट और बॉल के बल पर देश के लिए खेलने का था, लेकिन यूपी अंडर-16 खेल चुका कानपुर का यह बल्लेबाज जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। यूपी टीम में सिलेक्शन के बाद पिता को यकीन हो गया था कि वो एकदिन नीली जर्सी पहनकर 22 गज की पिच पर अपना जौहर बिखरेगा। पर उसे एक ऐसी बीमारी ने घेर लिया कि अब उसके लिए परिवार सब कुछ बेचने को तैयार है।

पिता ने दुकान बेचकर प्राईवेट नौकरी की तो मां ने अपने लाल को बचाने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी। आदित्य का इलाज रीजेंसी हॉस्पिटल में डॉक्टर देवराज गूजर कर रहे हैं। डॉक्टर गूजर ने बताया कि आदित्य को डायलसिस के सहारे बचाया जा रहा है और हम उसका निशुल्क इलाज कर रहे हैं। वहीं आदित्य ने बताया कि टीम इंडिया के दो प्लेयरों के साथ ही कानपुर डीएम की पहल पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक लाख 80 हजार रुपए की आर्थिक मदद की। आदित्य ने पीएम मोदी और टीम इंडिया के कैप्टन वीराट कोहली के साथ अन्य सदस्यों से इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।


यूपी अंडर 16 टीम का सदस्य रहा


नौबस्ता थाना क्षेत्र के यशोदा नगर में रहने वाले विनोद पाठक फोटोग्राफी का काम करते हैं। परिवार में पत्नी कांति बेटी दुर्गा और एकलौते बेटे आदित्य पाठक (28) के साथ रहते हैं। आदित्य को बचपन से ही क्रिकेट से खासा लगाव था, जैसे क्रिकेट ही उसकी जिन्दगी हो। आदित्य ने क्रिकेट की शुरुआत कमला क्लब से की। बेहतरीन बल्लेबाजी व स्पिन गेंदबाजी की बदौलत आदित्य का सिलेक्शन 2008-2009 में अंडर 16 उमरीगर ट्राफी में यूपी की तरफ से हुआ। इस दौरान आदित्य ने गेंद और बल्ले से धूम मचाया।

आदित्य को एक मैच के दौरान पेट में तकलीफ हुई तो उसने डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उसकी दोनों किडनी खराब होने की जानकारी दी और यहीं से उसका सपना चकनाचूर हो गया। आदित्य ने बताया कि उसने महेंद्र सिंह धोनी, आरपी सिंह, पियूष चावला, भूवनेश्वर कुमार, प्रमीण कुमार, माहम्मद कैफ, मोहम्मद सैफ के साथ क्रिकेट खेल चुका है।


पिता ने अपनी किडनी देकर बचाई थी जान


यह ट्रॉफी खेलने के बाद ही आदित्य की किडनी में संक्रमण हो गया था, जिसका इलाज चला। पता चला कि आदित्य की दोनों किडनियां ख़राब हैं। यह बात जब परिजनों को पता चली तो उन पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। किसी तरह परिवार ने खुद को संभालते हुए बेटे का इलाज कराया। आदित्य को उसके पिता ने किडनी दी तब उसकी जान बच सकी। आदित्य ठीक हो गया और एक बार फिर से उसने क्रिकेट मैदान की तरफ रूख किया। लेकिन किसी को नहीं पता था कि आदित्य अब दोबारा क्रिकेट नहीं खेल सकेगा। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 60 लाख रुपये खर्च हुए थे।

...तो मेरा कलेजा फट जाता है


विनोद पाठक बताते हैं कि ’2009 में बेटे को किडनी ट्रांसप्लांट की थी। इसके बाद आदित्य स्वस्थ्य हो गया था। 3 साल बाद पता चला कि उस किडनी में भी संक्रमण फ़ैल रहा है, तब से हम उसका लगातार इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमने अपने खेत व घर सब कुछ बेच दिया, घर में रखे सोना चांदी भी बेच दिया।

अब हमारे पास कुछ नहीं बचा है। आज जब मैं अपने बेटे को बिस्तर पर देखता हूं तो मेरा कलेजा फट जाता है। विनोद बताते हैं कि ’वह बहुत ही जिन्दा दिल इंसान है। उसकी हिम्मत देखकर हम सब हैरान रह जाते हैं। वह हम लोगों को समझाता है पापा दुखी मत हो, लेकिन जब हम अकेले में उसकी बातें सोचते हैं तो आंखों से आंसू नहीं थमते हैं।’


पीएम ने नहीं सुनी पुकार


उन्होंने बताया कि ’हम बेटे के इलाज के लिए प्रधानमंत्री सब से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन हमारी मदद नहीं की। मदद की बात छोड़ दो जवाब तक नहीं आया है। हफ्ते में एक डायलेसिस होती है जिसका खर्च 10 हजार रुपये आता है। रिश्तेदारों से कर्ज लेकर इलाज करा रहे हैं, किसी तरह से मेरे बेटे की जान बच जाए। आदित्य ने बताया कि मेरे साथ के कई प्लेयर रणजी ट्राफी खेल रहे हैं तो कुछ आईपीएल। लेकिन मेरी बीमारी ने मेरा करियर चौपट कर दिया।

अब तो मुझे जिन्दगी से संघर्ष करना पड़ रहा है। मेरा एक साथी हर्षित शुक्ला जो रेलवे की तरफ से खेल रहा है। वह मुझे आर्थिक मदद कर रहा है।


क्या बोले जिम्मेदार


कानपुर के डीएम सुरेंद्र सिंह को जब आदित्य की बीमारी की बात पता चली तो उन्होंने सीएम कोश से एक लाख अस्सी हजार रुपए की आर्थिक मदद दिलाई। विनोद बताते हैं कि हमने कानपुर से योगी सरकार में मंत्री सतीश महाना से जाकर मिले थे। उन्होंने कहा था कि जल्द आपकी मदद सरकार के जरिए कराई जाएगी। वहीं मंत्री सत्यदेव पचौरी से मिलने के बाद उन्होंने डीएम से बात कर सीएम राहत कोश से मदद की बात कही। लेकिन आज तक कोई मदद हम तक नहीं पहुंंची।

विनोद ने बताया कि पूर्व विधायक अजय कपूर के भाई संजय कपूर ने हमारी मदद की। उन्होंने किडनी ट्रांसलेट के दौरान एक लाख रुपया दिया था और अक्सर वो हमारी मदद करते रहते है। वहीं कारागार मंत्री जयकुमार जैकी से बात आदित्य की मदद की बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं अपना सारा वेतन के साथ अन्य मदद दो दिन के अंदर खुद देने जाएंगे।

Updated on:
03 Sept 2017 04:06 pm
Published on:
03 Sept 2017 04:00 pm