
कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबका-साथ, सबका विकास की बात करते थे हैं, पर उनके शासनकाल में भेदभाव जारी है। ऐसा ही एक मामला बिल्हौर तहसील में सामने आया। यहां मुस्लिम महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि सरकारी बाबू पिछले कई दिनों टॉयलेट के लिए दफ्तर के चक्कर लगवा रहा था। शनिवार को मैं उससे मिलने के लिए गई और गरीबी बता टॉयलेट के निर्माण की बात कही तो उसने कहा कि वैसे आपलोगों के लिए यह योजना नहीं हैं। हां अगर कुछ पैसे लेकर आवोगी तो इस पर विचार किया जा सकता है। महिला ने इस पर आपत्ति की तो बाबू गुस्से में लाल हो गया और उसका हाथ पकड़ धक्का देकर ऑफिस से बाहर निकाल अपशब्द कहे। महिला ने पूरे मामले की शिकायत नगरपालिक चेयरमैन व वार्ड के सभासद से की। चेयरमैन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
--अब योगी हैं यहां के सीएम
बिल्हौर तहसील के लोहिया नगर निवासी महिला मोमिना पत्नी मोहम्मद नफीस ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत टॉयलेट निर्माण के लिए नगर पालिका में आवेदन किया था। जिसकी जानकारी करने के लिए मोमिना नगर पालिका आई थी। महिला ने बताया कि शुक्रवार को नगरपालिका कर्मी गोपाल उसके पास गये थे। कर्मी ने हमसे आधारकार्ड लेकर नगरपालिका कार्यालय बुलाया था। आज जब हम नगर पालिका कार्यालय में गई तो गोपाल के न मिलने पर वहां पर मौजूद बड़े बाबू ओंकार सिंह से गोपाल के बारे में जानकारी चाही। जिस पर ओंकार सिंह ने गोपाल के बारे में बताने के बजाए हमसे काम पूछा। हमने उन्हें बताया कि घर में टॉयलेट नहीं होने के चलते हम और बुजुर्ग सास को खुले में शौंच के लिए जाना पड़ता है। गोपाल बाबू से हमने सरकारी टॉयलेट के निर्माण की मांग की थी। इस पर ओकर सिंह भड़क गए और कहा कि यूपी में अब अखिलेश की नहीं योगी की सरकार है। आपको सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलगा।
...तो धक्का देकर भगाया
मोमिना का आरोप है कि जब हमने इसका विरोध किया तो बड़े बाबू भड़क गए और कहा कि यदि टॉयलेट पाना चाहती हो तो पहले पांच हजार की व्यवस्था करो। जब पैसे आ जाएं तो गोपाल के बजाए मुझे आकर देना। दो दिन में सरकारी कोष से तुम्हारे घर में टॉयलेट बनवा दूंगा। महिला ने बताया कि हम बड़े बाबू के सामने गिरगिड़ाते रहे और उनके पैर पकड़ लिए, बावजूद उन्हें तरस नहीं आया। हमने उनकी शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष व एसडीएम से करने को कहा तो वो आगे बबूला हो गए और कुर्सी से खड़े होकर हमारा हाथ पकड़ धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। पीड़िता का आरोप है कि बाबू के सिर पर स्थानीय भाजपा नेताओं का हाथ रखा हुआ है। वो आएदिन मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ अभद्रता करता रहता है।
बाबू की करतूत पर महिला रो पड़ी
बाबू के द्धारा अशब्द कहे जाने से महिला इतनी दुखी हो गई कि नगरपालिका गेट के बाहर बैठकर फूट-फूट कर रोने लगी। तभी वहां लोगों की भीड़ लगी। महिला को रोता देखकर सभासद नसीम खान ने जाकर उससे पूछताछ की। महिला ने पूरे प्रकरण की जानकारी सभासद को दी। सभासद ने बिल्हौर चेयरमैन को फोन पर पूरे मामले से अवगत कराया। सभासद ने बताया कि चेयरमैन ने बाबू के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। सभासद ने बताया कि हम महिला को लेकर बाबू के पास गए तो वो हमें भी अशब्द कहे। लोगों की भीड़ देख बाबू को होश पख्ता हो गए। उसने तत्काल महिला से अपने किए पर माफी मांगी। पर महिला ने उसे सजा दिलाए जाने की ठान ली। महिला सभासद नसीम खान के साथ बिल्हौर कोतवाली पहुंची और पुलिस को तहरीर सौंपी। इंस्पेक्टर ने महिला को एसडीएम के पास जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराए जाने को कह वहां से टरका दिया।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसडीएम विनीत सिंह ने बताया कि महिला ने शिकायती पत्र सौंपा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर बाबू दोषी पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जबकि नगर पालिका अध्यक्ष शहदाब खां ने बताया कि महिला ने हमें भी शिकायत पत्र सौंपा है और बाबू के बारे में जानकारी दी है। सोमवार को हम खुद मामले की जांच करेंगे। अगर बाबू ने ऐसा कृत्य किया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखेंगे। वहीं बाबू ने बताया कि महिला हमारे पास आई थी। हमने उससे कहा था कि आज हम बहुत बिजी हैं। तुम सोमवार को आना। इस पर वो भड़क गई तो हमने उसे बस इतना कहा कि आप कार्यालय से चलीं जाएं। यहां पर न चिल्लाएं। महिला के सारे आरोप निराधार हैं।