हैलट ने कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या 650 करने की ओर कदम उठा दिया है। साथ ही हैलट को प्रतिदिन 30 हजार लीटर ऑक्सिजन सप्लाई की जाएगी.
कानपुर. कोरोनावायरस (coronavirus in up) की दूसरी लहर से निपटने के जिले जीएसवीएम (JSVM) मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट अस्पताल (Hallet Hospital) की तैयारी नाकाफी साबित हुई। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) इससे नाखुश थे। लेकिन अब व्यवस्था में सुधार आ रहा है। कोरोना की तीसरी लहर संभावित हैं, ऐसे में हैलट ने कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या 650 करने की ओर कदम उठा दिया है। साथ ही हैलट को प्रतिदिन 30 हजार लीटर ऑक्सिजन सप्लाई की जाएगी, जिससे ऑक्सीजन की किल्लत न हो। इसके लिए मंडलायुक्त राजशेखर रेड्डी ने हैलट अस्पताल प्रशासन संह बैठक भी की, जिमें चार बिंदुओं पर चर्चा की गई थी। इसमें कोविड परीक्षण की क्षमता को, कोविड मरीजों के लिए बेडों की संख्या को बढ़ाना शामिल था। इसके अतिरिक्त ऑक्सिजन के मामले में आत्मनिर्भर होना, बच्चों के नए पीआईसीयू और एनआईसीयू बेडों का इंतजाम करना आवश्यक बताया बया था।
मंडलायुक्त डॉ राजशेखर रेड्डी ने कहा कि हैलट अस्पताल सामान्य हॉस्पिटल नहीं है, इसको अपनी जिम्मेदारियां समझनी चाहिए। कानपुर ही नहीं आसपास के जिले से मरीज भी इलाज के लिए यहां आते हैं। सामान्य दिनों में भी यहां मरीजों की भीड़ लगी रहती है। महामारी के समय अस्पताल पर बोझ काफी बढ़ जाता है, लेकिन थोड़ी मेहनत की जरूरत है। अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए शासन से लगातार बात करते रहें।
ऑक्सीजन की नहीं होगी किल्लत-
उन्होंने कहा कि एक या दो माह मे अस्पताल से ऑक्सिजन की कमी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। 925 एलपीएम क्षमता के दो ऑक्सिजन प्लांट भी आरंभ हो जाएंगे। प्रतिदिन 30 हजार लीटर ऑक्सिजन मिलेगी।