कानपुर

कोडीन सिरप कांड में बड़ा एक्शन : वाराणसी पुलिस ने कानपुर में आरोपी की 5.25 करोड़ की संपत्ति की सीज

Illegal codeine syrup trade in Kanpur : कानपुर में गुरुवार को वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस टीम शहर पहुंची। टीम ने इस नेटवर्क के सरगना बताए जा रहे विनोद अग्रवाल की पांच संपत्तियों को फ्रीज कर दिया।
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Updated: 12 Feb 2026, 6:12 PM IST
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कोड़ीन सीरप मामले में वाराणसी पुलिस ने कानपुर में आरोपी की 5 करोड़ की संपत्ति की सीज, PC- Patrika

कानपुर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की टीम अचानक शहर पहुंची और कोडीनयुक्त सिरप के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की। टीम ने इस नेटवर्क के सरगना बताए जा रहे विनोद अग्रवाल की पांच संपत्तियों को फ्रीज कर दिया। इनमें चार अचल संपत्तियां और एक बैंक खाता शामिल है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से नशीले सिरप की तस्करी में सक्रिय था और इससे करोड़ों रुपये की कमाई की गई। कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मच गया है। जांच आगे भी जारी है।

सारनाथ के एसीपी विदूष सक्सेना अपनी टीम के साथ कानपुर पहुंचे और अवैध कोडीन सिरप कारोबार से जुड़ी संपत्तियों की जांच की। उन्होंने बताया कि नशे के इस धंधे से अर्जित काली कमाई के जरिए आरोपी ने कई चल-अचल संपत्तियां खरीदी थीं। मामले में पहले सारनाथ क्षेत्र के ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा कलक्टरगंज थाने में भी अलग से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस अब संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल रही है और अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

37 लाख रुपए की रकम को किया फ्रीज

कार्रवाई की शुरुआत ग्वालटोली थाना क्षेत्र के सिविल लाइन स्थित गोपाल विहार सोसायटी में दो कीमती प्लॉट फ्रीज किए गए। इसके साथ ही चकेरी के दहेली सुजानपुर और जाजमऊ इलाके में बनी अन्य अचल संपत्तियों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान बिरहाना रोड स्थित एक निजी बैंक में जमा करीब 37 लाख रुपये की रकम को भी फ्रीज कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अपराध से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच के तहत की गई है और आगे भी संदिग्ध संपत्तियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।

NDPS एक्ट के तहत की गई कार्रवाई

एसीपी सक्सेना के अनुसार यह पूरी कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के अंतर्गत की गई है। इस प्रावधान के तहत जिन संपत्तियों को चिह्नित किया गया है, उन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री, किराया, उपयोग या किसी भी प्रकार का हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा।

Updated on:
12 Feb 2026, 6:12 PM IST
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