कानपुर

Kanpur News:अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में दो और आरोपी गिरफ्तार,अब तक 13 पहुंचे जेल

Illegal Kidney Transplant Racket:Kanpur में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब तक 13 आरोपी जेल भेजे गए हैं। आरोपी ओटी व्यवस्था से जुड़े थे और पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
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May 23, 2026
Illegal Kidney Transplant, Organ Trafficking
अवैध किडनी रैकेट मामले में गिरफ्तार आरोपी

Kanpur के Rawatpur क्षेत्र में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे प्रकरण में अब तक जेल भेजे गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और अब इसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। जांच में और भी बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

गीतानगर क्रॉसिंग से दबोचे गए आरोपी, ओटी व्यवस्था में थी भूमिका

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखिलेश तिवारी और सैफुद्दीन के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस ने गीतानगर क्रॉसिंग के पास से दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था कराने का काम करते थे। इसके बदले उन्हें प्रत्येक ऑपरेशन पर लगभग 50 हजार रुपये दिए जाते थे। पुलिस के अनुसार ये आरोपी डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के संपर्क में रहकर पूरी व्यवस्था संभालते थे और ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाते थे।

मास्टरमाइंड से फेसबुक के जरिए जुड़ा था आरोपी, 2018 से सक्रिय नेटवर्क

पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। सैफुद्दीन ने स्वीकार किया कि उसकी मुलाकात इस रैकेट के मास्टरमाइंड से वर्ष 2018 में फेसबुक के माध्यम से हुई थी। इसके बाद वह धीरे-धीरे इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा बन गया और आहूजा हॉस्पिटल में हुए ट्रांसप्लांट मामलों में सक्रिय भूमिका निभाने लगा। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें कई स्तरों पर लोग शामिल थे।

सैकड़ों ट्रांसप्लांट की आशंका, पूरे नेटवर्क की जांच तेज

जांच टीम के अनुसार इस गिरोह के जरिए अब तक सैकड़ों अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किए जाने की आशंका है। यह नेटवर्क लंबे समय से अंग प्रत्यारोपण के नाम पर अवैध वसूली और मानव अंगों की खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा था। हालांकि डोनर और रिसीवर सामने न आने के कारण कई अस्पताल संचालकों पर अब तक सीधी कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

Updated on:
23 May 2026 10:03 pm
Published on:
23 May 2026 10:03 pm
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