आप अगर त्योहार के दौरान ट्रेन से जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो एक बार इस खबर को जरूर पढ़ लीजिएगा. खबर ये है कि किसी भी स्थिति में रेलवे कोच के गेट या पायदान पर खड़े होने या बैठने की गलती न करें.
कानपुर। आप अगर त्योहार के दौरान ट्रेन से जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो एक बार इस खबर को जरूर पढ़ लीजिएगा. खबर ये है कि किसी भी स्थिति में रेलवे कोच के गेट या पायदान पर खड़े होने या बैठने की गलती न करें. खासकर रेलवे स्टेशन के आउटर एरिया पर. कारण है कि क्योंकि हो सकता है वहां पर आपको डंडामार गैंग मिल जाए और आप उसका शिकार हो जाएं.
सामने आई है ऐसी रिपोर्ट
समाने आई रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में कानपुर के आसपास आउटर एरिया में ऐसे गैंग के सक्रिय होने की वजह से जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को ऐसे क्षेत्र चिह्नित कर पेट्रोलिंग बढ़ाने व अस्थाई चौकियां बनाने का आदेश दिया है.
एक घंटे में तीन ट्रेनों में डकैती
दो साल पहले कानुपर सेंट्रल स्टेशन के आउटर स्थित मुरे कंपनी पुल व जयपुरिया रेलवे क्रासिंग के बीच में डकैतों ने आधे घंटे के अंदर तीन ट्रेनों में डकैती डाल दर्जनों यात्रियों को लूटा था. इसके कुछ दिनों के बाद जीआरपी ने डकैती में शामिल आधा दर्जन लुटेरों को तो जेल भेज दिया था, लेकिन डकैती का मास्टर माइंड अभी तक जीआरपी के हत्थे नहीं चढ़ा है. इस वजह से आउटर में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है. इस बात को कतई नकारा नहीं जा सकता है.
ऐसे उठाते हैं ये फायदा
डंडा मार गैंग के सदस्य वारदात को अंजाम देने के लिए त्योहार का समय ही चुनते हैं. इसके पीछे कारण है कि क्योंकि त्योहार पर ट्रेनों में भीड़ ज्यादा होती है. दर्जनों यात्रियों के पास वेटिंग या फिर आरएसी की टिकट होती है. टिकट के पूरे पैसे चुकाने के बाद भी मजबूरी में उन्हें खड़े होकर या फिर कोच के पायदान पर बैठकर सफर करना पड़ता है. इसका फायदा ये डंडा मार गैंग के मेंबर्स उठाते हैं.
एक यात्री को किया अधमरा
तीन दिन पहले ही सूरत-मुजफ्फरपुर में सफर कर रहे यशोदानगर निवासी एक छात्र को शुक्लागंज छमकनाली के पास एक लुटेरे ने डंडा मारकर ट्रेन से गिरा दिया था. ऐसा होने पर यात्री को गंभीर चोट आई थीं. लुटेरे का उद्देश्य युवक का मोबाइल लूटना था. फिलहाल लुटेरे को यात्रियों ने पकड़ जीआरपी के सुपुर्द कर दिया था. यहां पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह और उसके कई साथी कोच के पायदान पर सफर करने वाले यात्रियों के सिर पर अचानक डंडा मार देते हैं. इससे वह ट्रेन से नीचे गिर जाते हैं. इसके बाद वह उसका मोबाइल व सामान लूट लेते हैं.