कानपुर

टीचिंग के क्षेत्र में कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए तैयार हुआ नया प्लेाटफॉर्म

टीचिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है. वह ये कि एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचिंग एजूकेशन) ने ऐसे छात्रों के लिए एक नया प्लेटफार्म तैयार किया है. इसके तहत एनसीटीई ने 4 साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजूकेशन प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी कर ली है.
2 min read
• •
Updated: 24 Nov 2018, 10:45 AM IST
Kanpur
टीचिंग के क्षेत्र में कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए तैयार हुआ नया प्लेाटफॉर्म

कानपुर। टीचिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है. वह ये कि एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचिंग एजूकेशन) ने ऐसे छात्रों के लिए एक नया प्लेटफार्म तैयार किया है. इसके तहत एनसीटीई ने 4 साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजूकेशन प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी कर ली है. इस कोर्स में छात्रों को इंटर पास करने के बाद एडमिशन मिल जाएगा. एनसीटीई ने इस कोर्स को शुरू करने की इच्छा रखने वाले कॉलेजों से ऑनलाइन अप्लीकेशन मांगी हैं.

बस करना होगा इतना
प्राइमरी या फिर अपर प्राइमरी व इंटरमीडिएट में पढ़ाने के लिए प्रतिभागियों को अब बीटीसी या फिर बीएड का कोर्स नहीं करना पड़ेगा. ऐसे में अगर कैंडिडेट ने चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजूकेशन प्रोग्राम पूरा कर लिया है तो उसके लिए टेट या स्टेट लेवल के अन्य टेस्ट क्लियर करके टीचर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा. कुल मिलाकर अब उनके टीचर बनने का सपना ज्‍यादा लंबा नहीं रह जाएगा. शॉर्टकट में उनके सपने पूरे हो जाएंगे.

मांगी है अप्‍लीकेशन
नेशनल काउंसिल ऑफ टीचिंग एजूकेशन ने 3 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक कॉलेज व यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन अप्लीकेशन मांगी है. इस कोर्स को साल 2019 के एकेडमिक सेशन में शुरू करने की तैयारी है. कोर्स में एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट या फिर मेरिट के बेस पर होगा. इस बात का फैसला राज्‍य सरकार करेगी.

अभी संशय है बरकरार
यूपी सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्‍यक्ष विनय त्रिवेदी ने बताया कि इस कोर्स को लेकर कॉलेज व अन्य एकेडमिक इंस्टीट्यूशन में अभी संशय की स्थिति बनी हुई है. कॉलेज वाले तय नहीं कर पा रहे हैं कि इंटीग्रेटेड टीचर एजूकेशन प्रोग्राम के लिए एनसीटीर्ई में अप्लीकेशन दें या न दें. कहीं इस कोर्स का हश्र भी बीएड की तरह ही न हो जाए. कुछ कॉलेज मैनेजमेंट इस कोर्स को लेकर कई शिक्षाविदों से संपर्क कर हकीकत जानने का प्रयास कर रहे हैं.

Updated on:
24 Nov 2018, 10:45 AM IST
Published on: