कानपुर

CTET Exam: भाभी की जगह परीक्षा देने पहुंची थी ननद, बायोमीट्रिक जांच में हुई गड़बड़ तब पता चला फर्जीवाड़ा…

Ctet Exam: कानपुर के बर्रा में सीटेट परीक्षा के लिए एक लड़की अपनी भाभी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंची। बायोमीट्रिक के दौरान डेटा मेल नहीं खाने पर केंद्र निरीक्षकों को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की...
2 min read
Feb 08, 2026
Feature image
फोटो सोर्स- X

Ctet Exam: कानपुर के बर्रा इलाके में स्थित पूर्ण चन्द्र विद्या निकेतन स्कूल में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर अपनी भाभी की जगह परीक्षा देने ननद पहुंच गई। लड़की को बायोमीट्रिक जांच के दौरान पकड़ लिया गया। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।

सुबह दिया खुद का पेपर

पकड़ी गई युवती की पहचान कन्नौज के घनापुरवा लाख निवासी संध्या के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि सुबह की पाली में उसने चकेरी के एक केंद्र में खुद भी परीक्षा दी थी। दूसरी पाली में बर्रा के पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन पहुंची। वह अपनी भाभी शिवानी देवी के स्थान पर परीक्षा में बैठने के लिए आई थी। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान जब संध्या के फिंगरप्रिंट्स का मिलान उसके प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) के डेटा से नहीं हुआ तो गड़बड़ी उजागर हो गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

स्कूल प्रशासन ने तुरंत युवती को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि प्रबंधन की तहरीर के आधार पर आरोपी ननद और उसकी भाभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन शामिल है।

कानपुर में 98% से ज्यादा उपस्थिति

सीटेट के पहले दिन कानपुर के 46 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इसमें पहले दिन दोनों पालियों में 37876 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी लेकिन 37434 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 442 अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे। सुबह की पाली में पेपर-2 (उच्च प्राथमिक) की परीक्षा हुई, जबकि दूसरी पाली में पेपर-1 (प्राथमिक) की परीक्षा हुई। पेपर-2 की परीक्षा में बाल विकास, मैथमेटिक्स एंड साइंस अथवा सोशल स्टडीज व सोशल साइंस, भाषा 01 व भाषा 02 के पेपर हुए। इसी तरह पेपर-1 के लिए बाल विकास, मैथमेटिक्स, पर्यावरण अध्ययन व भाषा-1 व 2 के पेपर हुए। अभ्यर्थियों के मुताबिक दोनों पालियों में गणित के सवाल लंबे कैलकुलेशन वाले और काफी ट्रिकी थे वहीं भाषा के प्रश्न छात्रों को कठिन लगे।

Updated on:
08 Feb 2026 02:54 pm
Published on:
08 Feb 2026 02:54 pm