कानपुर

Kanpur gangrape मिली धमकी: दुष्कर्म के आरोपी फरार दरोगा को बताया समाज सेवक, लिखा जमानत हो गई

Kanpur gang rape कानपुर में नाबालिग के साथ गैंगरेप मामले में शामिल दरोगा अमित कुमार मौर्य फरार है, जबकि पीड़िता के भाई को धमकी मिल रही है। पुलिस की चार टीमें 50 हजार के इनामी फरार दरोगा की तलाश में हैं।
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Jan 13, 2026
फरार दरोगा अमित कुमार (फोटो सोर्स- 'X' कानपुर पुलिस)
फोटो सोर्स- 'X' कानपुर पुलिस

Kanpur gang rape: कानपुर में नाबालिक छात्रा के साथ गैंगरेप मामले में फरार दरोगा की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस की चार टीमें तलाश कर रही है। इधर पीड़िता के भाई को व्हाट्सएप पर धमकी दी गई है कि "दरोगा की नौकरी से मत खेलो, वह गलत नहीं है, हम जानते हैं कोई हेल्प नहीं करेगा तुम्हारी, सात जन्मों तक।" मैसेज आने के बाद पीड़ित परिवार डरा सहमा है‌। इधर दरोगा की गिरफ्तारी के लिए टोल प्लाजा सहित अन्य सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। 75 जिलों में डिटेल के साथ उसकी फोटो सर्कुलेट की गई है। घटना 5 जनवरी की है। जिसके बाद पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिसमें डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी भी शामिल है।

5 जनवरी की घटना

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीते 5 जनवरी को नाबालिग का अपहरण करने के बाद कार में गैंगरेप की घटना हुई थी। जिसमें दो के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। नामजद आरोपियों में शिवबरन सिंह और अमित कुमार मौर्य शामिल हैं। जिनमें से पुलिस ने शिवबरन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अमित कुमार मौर्य की गिरफ्तारी के लिए चार टीम टीमें गठित की गई हैं। जो बनारस, प्रयागराज, मेरठ, और गोरखपुर में सर्च अभियान चला रही हैं।

पीड़िता को व्हाट्सएप पर मिली धमकी

इधर पीड़िता के भाई को व्हाट्सएप पर धमकी मिली है कि "दरोगा की नौकरी के साथ मत खेलो, वह गलत नहीं है, हम उनको जानते हैं, वह बहुत शरीफ हैं, उनका नाम मत खराब करो, उनको समाज की सेवा करने दो, उनकी जमानत हो चुकी है, कोई हेल्प नहीं करेगा, तुम्हारी सात जन्मों तक, आंसू भी ना छूटे दरोगा जी की आंखों में, ऐसी लाइफ होगी, शर्म नहीं आती जिन पर विश्वास करते हो वही छोड़ेंगे, तुम्हें रोना आएगा, बाद में रो नहीं पाओगे।" यह मैसेज 10 टुकड़ों में 9:16 से 9:56 के बीच आया है। मैसेज आने के बाद परिवार दहशत में है।

अब तक पांच के खिलाफ हुई कार्रवाई

नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में अब तक पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। जिसमें डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी भी शामिल हैं। मुकदमा दर्ज होते ही उन्हें हेडक्वार्टर से संबंधित कर दिया गया। जबकि सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह और चौकी प्रभारी भीमसेन दिनेश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। एसीपी पनकी शिखर कुमार लाइन हाजिर हैं। विवेचना अधिकारी सुभाष चंद्र को हटा दिया गया है।

Updated on:
13 Jan 2026 08:06 am
Published on:
13 Jan 2026 08:06 am