कानपुर

Kanpur News: Tejas Express से आ रहा था ‘नशे का ट्रॉली बैग’, महिला समेत तीन तस्कर गिरफ्तार

Ganja Smuggling Kanpur: कानपुर में क्राइम ब्रांच और रावतपुर पुलिस ने उड़ीसा से गांजा लाकर सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। महिला समेत तीन तस्कर गिरफ्तार हुए। तेजस एक्सप्रेस से ट्रॉली बैग में 50 किलो गांजा लाया जा रहा था।

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Mar 19, 2026

कानपुर। शहर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच रावतपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने उड़ीसा से गांजा लाकर शहर में सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि आरोपी तेजस एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में सफर कर ट्रॉली बैग में गांजा भरकर लाते थे, ताकि किसी को शक न हो सके।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र निवासी अकबर अली उर्फ चिंगारी, काकादेव निवासी उमेश चंद्र राजपूत उर्फ अश्वनी और फतेहगढ़ की रहने वाली सलमाना बेगम शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से करीब 50 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

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ऐसे हुआ पूरे गिरोह का खुलासा

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन टाडा और एडीसीपी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी दौरान होटल, शिक्षण संस्थानों और ढाबों पर कार्रवाई के दौरान इस गिरोह के नाम सामने आए थे।इसके बाद क्राइम ब्रांच टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली, जिसके आधार पर राजकीय पॉलिटेक्निक कट से पहले रेलवे लाइन के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

2006 से सक्रिय है गिरोह का सरगना

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का मास्टरमाइंड अकबर अली उर्फ चिंगारी है, जो वर्ष 2006 से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। वर्ष 2012 में एसटीएफ ने उसे शुक्लागंज से गिरफ्तार भी किया था, लेकिन जेल से छूटने के बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया।बताया गया कि 2017 से उसने उड़ीसा में अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया और वहीं से गांजा लाकर कानपुर के काकादेव, सर्वोदय नगर और शुक्लागंज जैसे इलाकों में सप्लाई करने लगा। पुलिस से बचने के लिए वह ट्रेन के एसी कोच का इस्तेमाल करता था, ताकि जांच में आसानी से बच सके।

महिला को बनाया ‘ढाल’, बहन बनकर रहती थी साथ

इस गिरोह की एक और चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। पुलिस के अनुसार, सलमाना बेगम को गिरोह में खास तौर पर शामिल किया गया था, ताकि शक से बचा जा सके। वह आरोपी अश्वनी के घर में उसकी बहन बनकर रहती थी और सफर के दौरान भी परिवार का रूप देकर पुलिस को गुमराह करती थी।तस्कर खासतौर पर छात्रों और युवाओं को अपना निशाना बनाते थे। वे उड़ीसा से बस और ट्रेन के जरिए माल लाकर शहर में सप्लाई करते थे।

नशे के खिलाफ अभियान जारी

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शहर में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 60 से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 75 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 500 किलो गांजा, 25 किलो चरस, कोकीन और स्मैक भी बरामद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शहर में नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
19 Mar 2026 10:08 pm
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