Kanpur student suicide:कानपुर के काकादेव स्थित पीजी में बैंकिंग की तैयारी कर रही 25 वर्षीय छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में मानसिक तनाव का जिक्र किया। पुलिस ने जांच शुरू की, वही परिजन इटावा से कानपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
कानपुर के काकादेव इलाके में शनिवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां पीजी में रह रही 25 वर्षीय छात्रा ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना काकादेव के नवीननगर स्थित एक पीजी की है, जहां वह बैंकिंग परीक्षा की तैयारी कर रही थी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है।
मृतका की पहचान मोनिका सिंह के रूप में हुई है, जो इटावा के अजीतनगर की रहने वाली थीं। वह काकादेव थाना क्षेत्र की पांडुनगर चौकी के अंतर्गत एक पीजी में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। देर शाम जब पीजी की अन्य छात्राओं ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर पीजी संचालक को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो छात्रा का शव पंखे से लटका मिला। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस को एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला, जिसमें छात्रा ने मानसिक तनाव और अपनी स्थिति को लेकर गहरा दर्द व्यक्त किया है। नोट में उसने लिखा कि वह पिछले एक साल से गंभीर तनाव में थी और खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थी।
पुलिस ने सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों को सूचित किया गया, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन इटावा से कानपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। वही पीजी में रहने वाली अन्य छात्राओं से पूछताछ में सामने आया कि मोनिका पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं और मानसिक रूप से काफी परेशान थीं। वह कम बोलती थीं और अकेले रहना पसंद कर रही थीं।
काकादेव इंस्पेक्टर राजेश शर्मा के मुताबिक, सुसाइड नोट में किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने कहा है कि परिजनों की तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।