Lather Industry Kanpur: उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर विदेशों में अपने बेहतरीन लेदर के लिए मशहूर है। अब इंडस्ट्री में चार चांद लग रहे हैं। नई शुरुआत में 2 लाख लोगों को रोगजार भी मिलेगा।
देश-विदेश में लेदर कारोबार के लिए मशहूर कानपुर एक बार फिर चमक उठा है। तमाम चुनौतियों का सामना कर रही लेदर इंडस्ट्री ने रिकार्ड 48 फीसदी की ग्रोथ हासिल की है। इसी के साथ दो साल बाद लेदर इंडस्ट्री में कोरोना का असर खत्म हो गया है। यूरोप और अमेरिका से बल्क आर्डरों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि यहां स्किल कामगारों की कमी हो गई है। क्वालिटी से समझौता न करने के दम पर दुनिया भर में साख बनाने वाले कानपुर के निर्यातक इस वजह से आर्डर लेने में कतरा रहे हैं। कानपुर में 8200 करोड़ का वार्षिक निर्यात और 5000 करोड़ का घरेलू कारोबार होता है।
अवार्ड समारोह में एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने 94 निर्यातकों को सम्मानित किया गया। ओवरआल एक्सपोर्ट सहित अन्य श्रेणियों में मुख्तारुल अमीन की सुपरहाउस, आर के जालान की अरविंद फुटवियर और रहमान इंडस्ट्रीज का दबदबा रहा। राकेश सचान ने कहा कि लेदर निर्यातकों ने शानदार उपलब्धियों के साथ भारत को गौरवान्वित किया है क्योंकि निर्यातक भारत की अर्थव्यवस्था की सदियों से मुख्य भूमिका मे रहे हैं।
48 फीसदी की ग्रोथ हासिल
सुपरहाउस ग्रुप के मुख्तारुल अमीन ने लेदर इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे पहले कभी किसी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने इंडस्ट्री पर इतना ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि चीन के अंदरूनी हालात की वजह से वहां के यूरोपीय व अमेरिकी ग्राहक भारतीय कारोबारियों को बल्क आर्डर दे रहे हैँ। वियतनाम से भी छिटक कर यहां आर्डर आ रहे हैं। स्किल कामगारों की कमी के कारण इतने आर्डर ले नहीं पा रहे हैं। यही वजह है कि वर्ष 2020-21 में 30 फीसदी की तुलना में 2021-22 में 48 फीसदी ग्रोथ हासिल की। इसी के साथ लेदर इंडस्ट्री प्री कोविड काल के समकक्ष आ गई है। कच्चे चमड़े की कमी दूर करने के लिए उन्होंने फिनिश्ड लेदर पर 60 फीसदी ड्यूटी पुन: करने की मांग की।
मेगा लेदर क्लस्टर की जमीन आवंटित
वाइस चेयरमैन आर के जालान ने जैसे ही बताया कि अथक प्रयासों के बाद यूपीसीडा ने मेगा लेदर क्लस्टर के लिए जमीन आवंटित कर दी है। उन्होंने बताया कि इसी के साथ क्लस्टर की राह की लगभग सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। उन्होंने बताया कि इस क्लस्टर में पहले चरण में ही 6000 करोड़ का निवेश व 13000 करोड़ का निर्यात होगा। यहां से दो लाख नए रोजगार निकलेंगे। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने ऐलान किया कि अगले 100 दिन में देश के पहले मेगा लेदर क्लस्टर का शिलान्यस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।