8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कानपुर में अखिलेश यादव का तंज, बोले- “कोडीन-कालीन के बाद ‘किडनी भाई’ जल्द ही ओटीटी पर गांजा गंज

Akhilesh Yadav Kanpur Statement:कानपुर दौरे पर अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, अवैध कारोबार और खराब कानून व्यवस्था के आरोप लगाए। कोडीन, किडनी कांड और नशे के मामलों को जोड़कर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

2 min read
Google source verification

कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने एक दिवसीय कानपुर दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा और व्यंग्यात्मक हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने हाल के चर्चित मामलों को जोड़ते हुए ऐसा तंज कसा, जिसने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया।उन्होंने कहा कि “अभी कुछ दिन पहले ‘कोडीन भाई’ आए थे, उसके बाद ‘कालीन भाई’ और अब सुनने में आ रहा है ‘किडनी भाई’। कहीं ऐसा न हो कि आने वाले समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ‘गांजागंज’ जैसी फिल्म भी बन जाए।"

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है अवैध कारोबार

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले कोडीन सिरप के अवैध कारोबार के मामले सामने आए, और अब कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ा मामला सुर्खियों में है। यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और गैरकानूनी गतिविधियां चरम पर हैं। इस सरकार में भ्रष्टाचार, बेईमानी और लूट के सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि गरीब आदमी अस्पताल जाने से भी डरने लगा है, क्योंकि उसे अपनी ही सुरक्षा का भरोसा नहीं है।

कानून व्यवस्था पर सवाल

अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए कहा कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के क्षेत्रों में भी खुलेआम गोलीबारी और हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं और बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। “हर दिन अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे साफ है कि सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम है।

विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब परियोजनाओं में पारदर्शिता के बजाय कमीशनखोरी हावी होगी, तो गुणवत्ता बनाए रखना संभव नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके उद्घाटन के तुरंत बाद ही कई स्थानों पर सड़क उखड़ने और धंसने की खबरें सामने आईं, जो निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सपा प्रमुख ने मांग की कि निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को बेहतर और टिकाऊ सुविधाएं मिल सकें।