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यूपी में एक बार फिर रोजगार का मौका, इटली, चीन और वियतनाम को टक्कर देगा कानपुर-उन्नाव का लेदर

leather Export: यूएई और दुबई जैसे समृद्ध बाजार में कानपुर, उन्नाव और आगरा के लेदर कारोबारी सीधे इटली, चीन, वियतनाम, फ्रांस स्पेन से मुकाबला करेंगे।
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लखनऊ

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Snigdha Singh

•

Updated: 6 May 2022, 1:31 PM IST

Leather Industry Going to Restart in Kanpur Uttar Pradesh For Export

Leather Industry Going to Restart in Kanpur Uttar Pradesh For Export

प्रदेश में अब एक बार फिर लेदर इंडस्ट्री नए सिरे से काम की शुरुआत करने जा रही है। बीच में हुई उथल-पुथल के बाद हजारों के रोजगार छिन गए थे लेकिन अब लोगों के रोजगार का मौका मिलेगा। दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) ने तमाम चुनौतियों से जूझते यूपी के लेदर कारोबारियों को ‘संजीवनी’ दे दी है। इस समझौते के बाद यूएई को निर्यात होने वाले उत्पादों पर ड्यूटी शून्य हो गई है जिससे सीधे-सीधे पांच फीसदी लागत कम हो जाएगी। इसके दम पर यूएई और दुबई जैसे समृद्ध बाजार में कानपुर, उन्नाव और आगरा के लेदर कारोबारी सीधे इटली, चीन, वियतनाम, फ्रांस स्पेन से मुकाबला करेंगे। इससे रोजगार के अवसर मिलेंगे।

कारोबारियों के अनुसार पिछले महीने भारत और यूएई के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ, जो एक मई से लागू हो गया है। इसके बाद ड्यूटी मुक्त आयात-निर्यात किया जा सकेगा। लेदर उत्पादों पर इससे पहले पांच फीसदी ड्यूटी थी जो अब खत्म हो गई है। दुबई का फुटवियर मार्केट करीब 1.5 बिलियन डालर का है जिसमें भारत के अलावा इटली, चीन, वियतनाम, फ्रांस और स्पेन भी हैं। गुणवत्ता के दम पर तो यूपी के लेदर उत्पादों की वहां अच्छी मांग है कि लेकिन कीमतों की प्रतिस्पर्धा नई चुनौती बनी थी। ड्यूटी फ्री होने के बाद पांच फीसदी कीमतें घट जाएंगी जो काफी बड़ा अंतर है। इस वजह से कानपुर, उन्नाव और आगरा के फुटवियर व लेदर कारोबारियों का यूएई को निर्यात कम से कम पांच गुना बढ़ जाएगा। इसका फायदा लेने के लिए कारोबारियों को रूल आफ ओरिजिन सर्टिफिकेट की जरूरत होगी जिससे ये प्रमाणित होगा कि लेदर उत्पाद उनके क्षेत्र में ही बनता है। ये सर्टिफिकेट डीजीएफटी आफिस से जारी होगा।

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अभी इतना हो रहा निर्यात

अभी कानपुर-आगरा से यूएई को 153 करोड़ के फुटवियर का निर्यात होता है। जो 800 करोड़ रुपए तक हो जाएगा। फुटवियर के अलावा दुबई को अन्य लेदर उत्पादों का निर्यात सालाना .89 बिलियन डालर का होता है। अभी यूएई के इंपोर्ट में केवल एक फीसदी हिस्सा यूपी का है। ये हिस्सेदारी अब पांच फीसदी तक हो जाएगी।

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उत्पादों का सर्टिफिकेशन जरूरी

ज्वाइंट डायरेक्टर जनरल आफ फॉरेन ट्रेड अमित कुमार के अनुसार यूएई से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का प्रदेश के कारोबारियों को अप्रत्याशित लाभ होगा। खास तौर पर कानपुर-उन्नाव और आगरा की लेदर बेल्ट का निर्यात यूएई को पांच गुना तक बढ़ेगा। इसके लिए डीजीएफटी आफिस से उत्पादों का सर्टिफिकेशन जरूर करा लें। coo.dgft.gov.in पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह कारोबारियों के साथ साथ आम लोगों के लिए भी बड़ा मौका है।

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यूपी से यूएई लेदर कारोबार

फिनिश्ड लेदर 4.75 करोड़

लेदर गुड्स 26.75 करोड़

लेदर फुटवियर कंपोनेंट 7.63 करोड़

लेदर गारमेंट्स 00.04 करोड़

लेदर फुटवियर 114 करोड़