7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मुख्यमंत्री योगी के मां से मिलने पर ये क्या बोल गए मुनव्वर राणा

Munawwar Rana on Yogi: मुख्यमंत्री योगी के मां से मिलने पर मुनव्वर राणा ने अपने शायराना अंदाज में अपनी बात बयां की।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Snigdha Singh

•

Updated: 5 May 2022, 2:56 PM IST

Munawwar Rana Posted lines For Yogi Adityanath and his Mother

Munawwar Rana Posted lines For Yogi Adityanath and his Mother

उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बयानबाजी को लेकर मुनव्वर राणा अक्सर चर्चा में रहते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले कई विवादित बयान भी दिए। मुख्यमंत्री के उत्तराखंड दौरे पर मुनव्वर राणा ने उनके मां से मिलने पर उनकी फोटो ट्वीट करते हुए अपनी मशहूर शायरी की कुछ पंक्तियां साझा की। जो सोशल मीडिया पर देखने को मिली। 'मेरी ख्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊं, मां से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊं।' मुनव्वर राणा ने मां पर अपनी लिखी शायरी सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए फोटो के साथ ट्वीट की। हालांकि इस शायरी के अलग मायने-मतलब निकाले जा रहे हैं।

प्रदेश में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ 3 मई को तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर गए। दौरे में उन्होंने अपने पैतृक गांव पंचूर में पहुंचकर मां से मुलाकात की। मां से मिलते ही ट्वीट करते हुए अपनी मां की तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की तो वह वायरल हो गई। इसी तस्वीर के आधार पर मुनव्वर राना ने अपनी शायरी की रचना की है। मां को लेकर मुनव्वर राना के शेर खासे चर्चित रहे हैं। 'किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई, मैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में मां आई' जैसी शायरियों के रचनाकार मुनव्वर राणा ने योगी की मां से मुलाकात पर भी अपनी प्रसिद्ध शायरी लिखी।

यह भी पढ़े - मां के लिए तो नहीं लेकिन किसके लिए रो पड़े मुख्यमंत्री योगी, बोलने को नहीं मिले शब्द
जीत पर प्रदेश छोड़ने की कही थी बात

यूपी में विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मुनव्वर राणा ने मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारा प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते हैं तो वे यूपी छोड़ देंगे। मुनव्वर ने कहा था कि अपनी मिट्‌टी को छोड़ना दुख तो देगा, लेकिन जब घोसला खतरे में हो तो चिड़ियां भी अपना आशियाना छोड़ जाती है। सत्ता के लोग फरिश्ता बनकर अब निकल पड़े हैं। उनको याद नहीं कि जात-पात के नाम पर क्या जादातियां की? कोरोना में कितने लोग मरे, कितने लोग पैदल गुजरते मर गए, सब भुला दिया गया। इस चुनाव सबका हिसाब होगा। इस बयान को लेकर काफी चर्चा में भी रहे। हालांकि चुनाव के बाद इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखी।

यह भी पढ़े - मुख्यमंत्री योगी ने मां से मिलने की बताई वजह, उत्तराखंड में रहेगा तीन दिन का प्रोग्राम