
UP Police Encounter:कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मुमताज हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक सप्ताह से फरार चल रहे मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ रानू को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, कुंडौली गांव के पास घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि रानू की गिरफ्तारी के बाद अब मुमताज की हत्या के पीछे की पूरी कहानी सामने आने की उम्मीद है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक, 8 अगस्त को देवसढ़ गांव में मुमताज की हत्या के बाद रानू लगातार फरार था। उसकी तलाश के लिए चार पुलिस टीमों को लगाया गया था। करीब एक सप्ताह तक पुलिस उसकी लोकेशन तलाशती रही, लेकिन आरोपी बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था। शनिवार देर रात पुलिस को उसके बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद टीमों ने कुंडौली गांव के आसपास घेराबंदी की। कुछ देर बाद रानू बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देखकर उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी और मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
मुमताज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया था। 8 अगस्त की देर रात देवसढ़ गांव में कुछ आरोपी कथित तौर पर दीवार फांदकर मुमताज के घर में घुसे थे। उस समय मुमताज अपनी पत्नी शाहजहां और पांच महीने की बेटी के साथ घर में था। आरोप है कि हमलावरों ने सोते समय दंपती पर कुल्हाड़ी, चाकू और डंडों से हमला कर दिया। हमले में मुमताज और उसकी पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मुमताज की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने कथित तौर पर महिला को उसकी पांच महीने की बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी और उसके जेवर उतरवा लिए। इसके बाद घर में खड़ी बाइक और CCTV का DVR भी लेकर फरार हो गए।
मुमताज की पत्नी शाहजहां ने पुलिस को दिए बयान में अपने पति के चचेरे भाई सोहेल उर्फ रानू खान और उसके साथी पर आरोप लगाया था। पुलिस जांच में CCTV फुटेज भी सामने आई, जिसमें रानू और दलेलपुर निवासी आशीष पासवान उर्फ काशी को मुमताज की बाइक से जाते हुए देखा गया था। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, मामले में रानू मुख्य आरोपियों में शामिल था और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया गया था।
इस मामले में रानू से पहले पुलिस ने उसके कथित साथी आशीष पासवान को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, 10 अगस्त की सुबह उसकी लोकेशन साढ़ क्षेत्र के दरगाही लाल पुल के पास मिली थी।पुलिस ने वहां घेराबंदी की तो आशीष ने कथित तौर पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। उसके पास से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद होने का दावा किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, करीब 27-28 वर्षीय मुमताज उर्फ कल्लू कुछ समय पहले सऊदी अरब से वापस लौटा था। वह कानपुर की एक डेयरी का वाहन चलाता था और अपनी पत्नी शाहजहां तथा पांच महीने की बेटी के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में बने घर में रह रहा था। 8 अगस्त की रात हुए हमले के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। मुमताज की मौत के बाद उसकी पत्नी और मासूम बच्ची अकेली रह गईं। अब मुख्य आरोपी रानू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हत्या की वजह, घटना में शामिल अन्य लोगों और लूट से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने और वारदात के पीछे की वजह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।