MBBS Admission Fraud:कानपुर में बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे पिता से एमबीबीएस में दाखिले का झांसा देकर 5.75 लाख रुपये की ठगी की गई। खुद को प्रिंसिपल बताने वाले आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
कानपुर में बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे पिता से एमबीबीएस में दाखिला दिलाने का झांसा देकर 5.75 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टर मित्र के फोन पर आया फोन -
कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर कलां, पनकी रोड निवासी सुनील कुमार ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को उनके मित्र डॉ. प्रांजुल पंकज के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम डॉ. आरबी गुप्ता बताते हुए खुद को निजी मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल बताया और कॉलेज में स्टाफ की आवश्यकता की बात कही। इसके बाद 21 फरवरी को उसी व्यक्ति ने दोबारा संपर्क कर एमबीबीएस की एक सीट रिक्त होने का दावा करते हुए इच्छुक अभ्यर्थी का विवरण मांगा।
सिर्फ रुपए देते रहे पर नहीं मिला एलॉटमेंट लेटर -
सुनील कुमार ने बेटी के दाखिले को लेकर संपर्क किया तो आरोपी ने सीट आरक्षित करने के नाम पर चार लाख रुपये की मांग की। 21 फरवरी को सुनील ने अपने मित्र अभिषेक कुमार के खाते से कटिहार मेडिकल कॉलेज के खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। इसके महज 11 मिनट बाद उसी खाते से अलकरीम ट्रस्ट (फॉर मैनेजमेंट कैटेगरी ओनली) के खाते में 3.75 लाख रुपये भेज दिए गए। रकम जमा होने के बाद आरोपी ने 22 फरवरी को पटना, बिहार बुलाकर एलॉटमेंट लेटर देने का आश्वासन दिया। सुनील के पटना पहुंचने पर आरोपी ने दोपहर 2:45 बजे अपना व्यक्ति भेजने की बात कही, लेकिन देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा। इसी दौरान मोबाइल संदेश के जरिए 3.50 लाख रुपये और जमा करने की मांग कर दी गई।
संदेह होने पर की शिकायत -
बेटी के भविष्य और पहले से जमा रकम को देखते हुए सुनील कुमार ने अपने भाई सुधीर कुमार यादव से 85 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से अलकरीम ट्रस्ट के खाते में ट्रांसफर कराए, जबकि स्वयं भी 90 हजार रुपये उसी खाते में भेज दिए। इस तरह अलग-अलग खातों में कुल 5.75 लाख रुपये जमा हो गए। संदेह होने पर पीड़ित ने साइबर सेल को सूचना दी। साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर कल्याणपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या बोले थाना प्रभारी -
थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। संबंधित बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का दावा किया गया है।