Cyber Fraud:कानपुर में महिला सिपाही को शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर साइबर ठगों ने 4.62 लाख रुपये ठग लिए। व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ऐप के जरिए ठगी हुई। पैसे निकालने पर एप बंद हो गया, पुलिस जांच में जुटी है।
कानपुर में साइबर अपराधियों ने इस बार पुलिसकर्मी को ही निशाना बना लिया। रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात महिला सिपाही सपना के व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। शुरुआत में उन्हें अलग-अलग कंपनियों के शेयरों की जानकारी देकर भरोसा बनाया गया और फिर एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप में लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट और फर्जी सफलता की कहानियां साझा कर उन्हें प्रभावित किया गया।
कुछ ही दिनों में ग्रुप एडमिन ने सिपाही को एक लिंक भेजा, जिसके जरिए एक मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया। भरोसे में आकर उन्होंने एप पर अपना अकाउंट बना लिया। इसके बाद ठगों ने उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया और अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराने शुरू करा दिए। ठगों के कहने पर 23 जनवरी को इंडसइंड बैंक के एक खाते में 50 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद 8 फरवरी को यूको बैंक के एक खाते में 2.30 लाख रुपये और 9 फरवरी को 30 हजार रुपये जमा किए गए। बाद में ठगों ने आईपीओ आवंटन का झांसा देकर और पैसे ऐंठ लिए। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1.52 लाख रुपये और जमा कराए गए। इस तरह कुल 4.62 लाख रुपये ठग लिए गए।
जब महिला सिपाही ने अपने निवेश का पैसा निकालने की कोशिश की, तो उसे बार-बार अलग-अलग शुल्क देने के बहाने टाल दिया गया। शुरुआत में उसे भरोसा दिलाया गया कि भुगतान करने पर रकम मिल जाएगी, लेकिन हर बार नया चार्ज सामने आ जाता। कुछ समय बाद संबंधित एप पूरी तरह बंद हो गया और लॉगिन भी संभव नहीं रहा। तब उसे ठगी का एहसास हुआ। परेशान होकर महिला सिपाही ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
कोतवाली प्रभारी जगदीश पडिय ने बताया कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को ई-मेल भेजा गया है। साइबर टीम मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक, ऐप या निवेश योजनाओं पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।