Kanpur PPE Act Case: नजूल भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद महापौर बेटे समेत 14 लोगों पर पीपीई एक्ट के तहत एसीएम तृतीय कोर्ट में मुकदमा दर्ज हुआ है।इस साथ ही नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। इसके बाद बेदखली की कार्यवाही भी की जा सकती है।
कानपुर। सिविल लाइंस क्षेत्र में नजूल की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर आवास के पीछे स्थित ब्लॉक नंबर-1, प्लॉट नंबर 5 व 6 की सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि होने के बाद महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी समेत 14 लोगों के खिलाफ लोक परिसंपत्ति (अनधिकृत कब्जा निष्कासन) अधिनियम (पीपीई एक्ट) के तहत वाद दाखिल किया गया है। मामला एसीएम तृतीय की अदालत में विचाराधीन है।
गठित की गई थी जांच कमेटी -
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, उक्त भूमि नजूल श्रेणी में दर्ज है। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी, जिसमें एसडीएम सदर, एसीएम सप्तम और तहसीलदार सदर शामिल थे। कमेटी ने स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपी।रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी जमीन पर चट्टा, झोपड़ी, टीनशेड, कार्यालयनुमा ढांचा, पार्किंग, स्ट्रीट लाइटें, पानी की टंकी और ओपन जिम स्थापित मिला। मौके पर गाय बंधी होने की भी पुष्टि हुई। जांच में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे पाए गए। कब्जा करने वालों में अमित पांडेय उर्फ बंटी समेत 14 लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं।
14 लोगों के रिपोर्ट में है नाम -
एडीएम फाइनेंस ने बताया कि “तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक नजूल की जमीन पर अवैध कब्जे मिले हैं। कब्जे करने वालों में अमित पांडेय उर्फ बंटी समेत 14 लोगों के नाम रिपोर्ट में हैं। लेखपाल ने इन सभी के खिलाफ पीपीई एक्ट के तहत एसीएम तृतीय की कोर्ट में वाद दायर किया है।”वही लेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा की ओर से दाखिल वाद पर अब न्यायालय की प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जवाब प्राप्त होने के बाद सुनवाई की जाएगी और नियमों के अनुसार बेदखली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अवैध निर्माण की पहले ही हो चुकी है पुष्टि -
उल्लेखनीय है कि इससे पहले नगर निगम स्तर पर भी जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी थी। हालांकि, ताजा प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और विधि सम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।